संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में त्योहारों के सीजन के चलते प्राइवेट बस संचालक यात्रियों को खिड़कियों और छत में ठंूस-ठंूस कर भर रहे हैं। कई रूटों पर सरकारी बसों की कमी के कारण इस लापरवाही का सामना यात्रियों को करना पड़ रहा है। डिपो से बसें पहले से ही भरकर लाई जाती हैं और बीच रास्ते में भी अतिरिक्त सवारियां चढ़ाई जाती हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
स्थानीय बस स्टैंड में बसों की कमी के चलते यात्रियों को सुबह 8 से 10 बजे और शाम 5 से 7 बजे के समय लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। भीड़ अधिक होने के कारण कई बार लोग बसों के पायदान या दरवाजे पर खड़े होकर सफर करते हैं।
यात्रियों अनील, अमन, रोहित, संदीप और प्रदीप ने बताया कि खासकर सुबह व शाम बसें या तो कम आती हैं या बिल्कुल नहीं। इससे स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं और नौकरीपेशा लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने रोडवेज महाप्रबंधक से मांग की है कि डिपो में बसों की संख्या बढ़ाई जाए और सुबह-सुबह व शाम को अतिरिक्त बसें चलायी जाएँ ताकि यात्रियों को सुरक्षित और समय पर सफर करने की सुविधा मिल सके।
हाल ही में कैबिनेट मंत्री की बैठक में भी यह मामला उठाया गया, जिसमें धनौरी और टोहाना रूट पर यात्रा करने वाली छात्रा ने बताया कि पास होने के बावजूद पूरा किराया वसूला गया और चालक-परिचालक का अभद्र व्यवहार भी देखा गया।
त्योहारों के सीजन में इन लापरवाह प्राइवेट बसों की स्थिति यात्रियों के लिए सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
पास होने के बाद भी वसूला जा रहा पूरा किराया ः प्राइवेट बसों में छात्राओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यात्रा करना मुश्किल हो गया है। कई मामले सामने आए हैं जिसमें टिकट न लेने पर छात्राओं को बस से उतार दिया गया। जबकि सरकार ने आदेश दिए हैं कि स्कूल-कॉलेज की छात्राओं और वरिष्ठ नागरिकों को प्राइवेट बसों में नि:शुल्क या आधे किराए पर यात्रा करनी चाहिए।