संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। दीपावली का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में चारों ओर रौनक छा गई है। हर गली, हर दुकान दीपावली की तैयारियों में डूबी हुई है। मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़, सजावटी सामान की दुकानों पर रंगीन झालरों और तोरणों की खरीदारी जोरों पर है। वहीं, मिट्टी के रंग-बिरंगे दीयों से सजे ठेले और दुकानें इस बार बाजार का मुख्य आकर्षण बने हुए हैं।
नगर के प्रमुख बाजारों में दीपावली थीम पर आधारित वस्तुएं सजी हैं। धनतेरस के अवसर पर सोने-चांदी के आभूषणों के साथ बर्तनों की खरीदारी को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस बार ‘स्वदेशी दीपावली’ के संदेश ने पारंपरिक भारतीय उत्पादों की बिक्री को नई गति दी है।
मिट्टी के दीये बेचने वाले रामकुमार, जो कई वर्षों से यह कार्य कर रहे हैं, ने बताया कि पहले चाइनीज़ लाइट्स और इलेक्ट्रिक बल्बों की चमक उनकी मेहनत पर भारी पड़ जाती थी, लेकिन इस बार माहौल अलग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ संदेश का असर दिख रहा है। लोग खासतौर पर स्वदेशी दीये खरीदने आ रहे हैं। कई ग्राहक कहते हैं कि वे इस बार ‘स्वदेशी दीपावली’ मनाएंगे।
रामकुमार ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष दीयों के कई नए डिजाइन तैयार किए हैं - छोटे, मध्यम और बड़े आकार के दीये रंगीन पेंट और पारंपरिक कलात्मक डिजाइनों के साथ उपलब्ध हैं।ो इसके अलावा लक्ष्मी-गणेश दीया सेट, फ्लोटिंग दीया और हांडी दीया जैसे आकर्षक विकल्प भी ग्राहकों को खूब पसंद आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार बिक्री पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर रहने की उम्मीद है। मिट्टी के दीये न केवल स्वदेशी हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। हमें विश्वास है कि इस बार हमारी दीपावली भी उजली होगी।
नगर के दुकानदार विक्की, संजू, बलजीत प्रजापत, विजय सरदाना, गुलशन कामरा, गोलू कामरा, सुभाष गर्ग, अशोक आनंद और साहिल ने बताया कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में बिक्री में लगभग 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की संभावना है।
व्यापारियों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में मंदी और महंगाई के चलते जो सुस्ती बाजारों पर छाई थी, वह अब खत्म होती दिख रही है। त्योहार एक बार फिर लोगों के चेहरों पर मुस्कान और व्यापारियों के चेहरों पर उम्मीद लेकर आया है।