संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। उपमंडल नागरिक अस्पताल में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को नशा मुक्त बनने का संदेश दिया। साथ ही उन्हें समझाया कि तंबाकू जानलेवा है। इससे टीबी और कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इससे बचाव के लिए तंबाकू को छोड़ना ही विकल्प है।
नशा मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य के लिए वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजीव मित्तल की देखरेख में यह रूप रेखा तय की गई थी। इसके तहत चिकित्सा अधिकारी डाॅ. हिमांशु के नेतृत्व में एक टीम ने कलायत के राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में दौरा किय। इस दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकोंं से रूबरू डाॅ. हिमांशु ने कहा कि मानव जीवन में तंबाकू के सेवन से दुष्प्रभाव पड़ते हैं।
तंबाकू के सेवन से शरीर दमा, टीबी व कैंसर जैसी अनेक तरह की खतरनाक बीमारियों की चपेट में आ जाता है। इसलिए तंबाकू जानलेवा है इसे तुरंत प्रभाव से छोड़ देें। तंबाकू के सेवन से दिल की धडक़न और ब्लड प्रेशर तेज हो जाता है।
उन्होंने बताया कि इससे घबराहट होने लगती है। खून के संचार में रुकावट पैदा होती है। फेफड़े ठीक ढंग से काम नहीं कर पाते। खांसी, थकान और सांस टूटने व फूलने की समस्या पैदा हो जाती है। हार्ट अटैक यानि दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। मुंह, गले, भोजन नली, ब्लैडर व शरीर के अन्य किसी भी हिस्से में कैंसर होने का खतरा पैदा हो जाता है।
उन्होंने समझाया कि तंबाकू या इसके उत्पादों का सेवन न तो खुद करें और ने ही दूसरों को करने दें। स्वास्थ्य कर्मी रणदीप सिंह और श्यामसुन्दर ने तंबाकू के सेवन न करने की शपथ दिलवाई। साथ ही अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जिंदगी चुनने और तंबाकू को न अपनाने की अपील की।
फार्मासिस्ट राहुल शर्मा और स्वास्थ्य कार्यकर्ता देवी रानी ने बताया कि तंबाकू के सेवन से न केवल धन की हानि होती है, बल्कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य व चरित्र का भी विनाश होता है।
इस मौके पर प्रधानाचार्य सुखदेव सिंह द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम का आयोजन के लिए आभार प्रकट किया गया। उन्होंने कहा कि राह स्वस्थ जीवन जीने की होनी चाहिए न कि बीमारियों को सीने से लगाने का रास्ता चुने।