गुहला-चीका। अग्रवाल धर्मशाला चीका में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन की कथा का शुभारंभ समाजसेवी जगतार सिंह माजरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कथा वाचक स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि बच्चों को यदि संस्कारी बनाना है तो उन्हें प्रभु श्रीराम के जीवन से परिचित कराना होगा।
इससे पहले जगतार माजरी को भगवान श्रीराम का चित्र भेंट कर उन्होंने आशीर्वाद दिया। कथा को आगे बढ़ाते हुए स्वामी विज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीराम ने अपने वचन को पूरा करने के लिए जो उदाहरण प्रस्तुत किया था, उसकी बदौलत उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम से जाना जाने लगा है और सदियों से उनके त्याग व समर्पण को याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि कलयुग में राम नाम का सहारा मनुष्य को भव सागर से उतारने वाला है। उन्होंने कथा श्रवण कर रहे लोगों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को श्रीराम के जीवन और उनके द्वारा स्थापित किए गए आदर्शों से अवगत करवाएं, ताकि वे भी भगवान राम की तरह संस्कारी, त्यागी व दयालु बन सके।
मुख्य अतिथि ने कथा के आयोजन के लिए निजी कोष से सहयोग राशि देने की घोषणा भी की। जगतार माजरी ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से हमें अपनी संस्कृति और सभ्यता की जानकारी मिलती है। इस मौके पर कथा के आयोजकों की तरफ से जगतार माजरी को सम्मानित भी किया। इस मौके पर परमानंद गोयल, अशोक गर्ग, मंगत राम बंसल, प्रेम सिंह पूनिया मौजूद रहे। संवाद