संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। विश्व मलेरिया दिवस पर स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया से बचाव के लिए विशेष अभियान चलाया। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर 30 टीमों ने उपमंडल नागरिक अस्पताल और ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों व मोहल्लों में जाकर लोगों को जागरूक किया। लोगों को समझाया गया कि मलेरिया से बचना है तो सफाई रखें।
टीमों में सभी एमपीएचडब्ल्यू (मेल) और स्वास्थ्य निरीक्षक शामिल रहे। उपमंडल नागरिक अस्पताल कलायत में मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल, डॉ. साहिल, दंत चिकित्सक डॉ. बृजमोहन सिंगला और स्वास्थ्य निरीक्षक सुरेश कुमार ने संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। यह जानलेवा भी हो सकता है। मलेरिया संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। तेज बुखार, सर्दी, कंपन, सिर दर्द, उल्टियां और बुखार उतरते समय पसीना आना इसके मुख्य लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या नागरिक अस्पताल में जाकर जांच करवानी चाहिए।
यह जांच पूरी तरह मुफ्त है। स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर भी मलेरिया की जांच करते हैं। यदि किसी को मलेरिया हो जाए तो 14 दिन का पूरा इलाज करवाने से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है। डॉ. साहिल ने स्लोगनों के माध्यम से लोगों को बताया कि दूर रखनी है यदि मलेरिया की बीमारी, तो निभानी होगी सबको अपनी जिम्मेदारी। उन्होंने मलेरिया को गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि हर रविवार सूखा दिवस मनाएं।
डॉ. साहिल ने बताया कि घर के बर्तनों, कुलर, फूलदान, होदी आदि को खाली कर सुखाएं। कूलर को रगडक़र साफ करें और सुखाकर ही इस्तेमाल करें। पानी के बर्तन और टंकियों को ढक कर रखें। छत पर पड़े मटके, टायर, बोतल और टूटे-फूटे बर्तन हटा दें। आसपास पानी जमा न होने दें। गड्ढों में मिट्टी भरें या खड़े पानी में मिट्टी का तेल या काला तेल डालें। पूरी बाजू के कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
इस मौके पर नर्सिंग ऑफिसर शिक्षा, फार्मेसी ऑफिसर बलिंद्र, एमपीएचडब्ल्यू श्याम सुंदर, रणदीप सिंह, प्रवीण, राजीव आदि स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।