संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कागजों में कमी के चलते अभी धनौरी के राजकीय कॉलेज के लिए दी गई जमीन अभी तक नाम नहीं हुई। अभी इस जमीन के पंचायत से विभाग के नाम होने के लिए कुछ समय और लगेगा। दरअसल, कॉलेज के भवन का निर्माण करीब पांच एकड़ में होना है।
गौरतलब है कि जमीन नाम होने के चलते कॉलेज के भवन निर्माण में देरी हो सकती है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने जिला प्रशासन के साथ कुछ दिन पहले ही जमीन नाम जल्द करवाने के लिए पत्राचार किया है। ऐसे में अगले महीने की शुरूआत में यह जमीन कॉलेज के नाम हो सकती है।
इस समय कॉलेज में हैं 160 सीटें ः उच्चतर शिक्षा विभाग से मिली जानकारी अनुसार इस समय धनौरी के राजकीय कॉलेज में बीए संकाय की 160 सीटें है। इस कॉलेज में दो साल पहले ही पढ़ाई शुरू कर दी गई थी। इसके बाद इस कॉलेज के विद्यार्थी धनौरी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कक्षाएं लगा रहे हैं। ऐसे में उच्चतर शिक्षा विभाग का प्रयास है कि इन बच्चों को जल्द ही कॉलेज का अपना भवन मिले। इस समय इस कॉलेज के प्राचार्य का प्रभार राजकीय कॉलेज जगदीशुपरा कैथल के प्राचार्य डॉ. मनोज भांबू को सौंपा गया है।
सरकार के आदेशों के तहत नौरी के राजकीय कॉलेज के लिए जमीन विभाग के नाम करवाने की प्रक्रिया शुरू कर रखी है। अभी इस जमीन को नाम करने में कागजों की कुछ कमियां आड़े आ रही है। इसके उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है। नए साल में कॉलेज के नाम जमीन करवा ली जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को नया भवन मिल पाए। - राजेश सैनी, जिला नोडल अधिकारी, उच्चतर शिक्षा विभाग, कैथल।