संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगीता राय सचदेव की अदालत ने स्मैक बेचने की दोषी को तीन साल के कारावास और डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम न देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
थाना पूंडरी में नौ मार्च 2019 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-बी के तहत यह केस दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी करते हुए उप जिला न्यायालय वादी जय भगवान गोयल ने बताया कि नौ मार्च 2019 को पुलिस पार्टी गश्त करते हुए बस अड्डा गांव पाई पहुंची। वहां एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि सुनील उर्फ नील निवासी गांव पाई स्मैक पीने व बेचने का धंधा करता है। वह इस समय अनाज मंडी के गेट के पास खड़ा नशा बेच रहा है।
पुलिस ने गश्त पार्टी तैयार की और वे अनाज मंडी के गेट के पास पहुंचे। वहां एक युवक खड़ा था जो पुलिस की गाड़ी को देखकर एकदम अनाज मंडी में जाने लगा। संदेह होने पर उसके पीछे भाग कर पुलिस ने काबू करने की कोशिश तो युवक ने कोई वस्तु फेंकने की कोशिश, लेकिन पुलिस ने उसे काबू कर लिया। जब उसकी जांच की तो उसके पास से 6.250 ग्राम स्मैक बरामद हुई।
युवक से पूछने पर उसने अपना नाम सुनील उर्फ नील निवासी बीरबल पट्टी गांव पाई बताया। इस पर पुलिस ने केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया और चालान तैयार करके अदालत में दिया। एडीजे संगीता राय सचदेव की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुनील को स्मैक बेचने का दोषी पाया। अदालत ने उसे तीन साल के कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।