संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राजस्व विभाग की ओर से 30 जुलाई को कलेक्टर रेट बढ़ाए जाने के बाद से रजिस्ट्री का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। तीन दिन बीत जाने के बावजूद सोमवार को भी पोर्टल पर नए रेट अपलोड नहीं हो सके, जिससे आमजन परेशान होते रहे।
सोमवार को कोई नई रजिस्ट्री नहीं हो पाई, केवल ब्लड रिलेशन (रिश्ते) वाले छह मामलों में जमीन नामांतरण हुआ।
तीन दिन में 300 से अधिक रजिस्ट्रियां लटकीं ः रजिस्ट्री कार्य बंद होने से करीब 300 मामलों में प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। लोग लगातार उम्मीद में तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन निराशा हाथ लग रही है। पोर्टल पर रेट अपलोड न होने के कारण रजिस्ट्री प्रक्रिया तकनीकी रूप से अवरुद्ध है।
पोर्टल अपडेट नहीं, मुख्यालय से ही देरी ः अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्यालय स्तर से कलेक्टर रेट पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए हैं, तभी काम अटका हुआ है। सोमवार शाम तक भी स्थिति जस की तस बनी रही। अधिकारियों का कहना है कि जल्द रेट अपलोड होते ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
ब्लड रिलेशन में जमीन नाम करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लेकिन नई रजिस्ट्रियों के लिए पोर्टल अपडेट होना जरूरी है। संभावना है कि मंगलवार से व्यवस्था सामान्य हो जाएगी -चंद्रमोहन, जिला राजस्व अधिकारी
परेशानी, लोगों की जुबानी
तीसरा चक्कर है...
मैं पिछले एक सप्ताह से रजिस्ट्री करवाने के लिए तहसील आ रहा हूं। वीरवार को आया, तो कहा गया रेट बढ़ गए हैं। शुक्रवार को भी कोई हल नहीं निकला। अब सोमवार को तीसरा चक्कर है, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हो पाया। -सत्यपाल, मानस गांव
उम्मीद लेकर आ रहा हूं रजिस्ट्री नहीं हो पा रही
तीन दिन से लगातार आ रहा हूं लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो पा रही। अब मंगलवार को फिर आना पड़ेगा। मेरे जैसे कितने हैं, पता नहीं।
-रामधरी, सिरटा रोड
कलेक्टर रेट बढ़ने पर सुरजेवाला का सरकार पर हमला
कैथल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी को लेकर प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि रेट बढ़ाकर भाजपा सरकार ने हरियाणा की जनता पर भारी आर्थिक बोझ लाद दिया है।
सुरजेवाला ने एक्स पर वीडियो संदेश के साथ पोस्ट करते हुए लिखा कि अब आम लोगों के लिए मकान, जमीन और घर बनाना पहले से कहीं अधिक महंगा हो जाएगा। हर साल लोगों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
उन्होंने दावा किया कि कलेक्टर रेट में वृद्धि से प्रदेश की जनता पर करीब 5,000 करोड़ रुपये का सालाना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इससे जमीन, फ्लैट और मकानों की कीमतों में तेजी आएगी। इससे अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ रहा है। संवाद
25 कैथल। तहसील में रजिस्ट्री करवाने पहुंचे लोग। संवाद
25 कैथल। तहसील में रजिस्ट्री करवाने पहुंचे लोग। संवाद