संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लोन दिलाने व मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलवाने के नाम पर लाखों रुपये ठगी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी लक्ष्मी नगर दिल्ली निवासी लक्ष्मण, उत्तम नगर नई दिल्ली निवासी विजय शर्मा व न्यू मोती नगर नई दिल्ली निवासी प्रेमजीत राय को काबू कर लिया। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी विजय और लक्ष्मण को जेल भेेज दिया गया जबकि पुलिस ने पूछताछ के लिए प्रेमजीत को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने बताया कि गांव ट्योंठा निवासी एक व्यक्ति की शिकायत अनुसार वह गांव में ही वह स्कूल चलाता है। स्कूल सेमिनार की वजह से अलग-अलग जगहों पर आना-जाना होता है। 22 अप्रैल 2022 को एक स्कूल सेमिनार में गया था। वहां उसकी मुलाकात प्रेमजीत राय नाम के व्यक्ति से हुई। प्रेमजीत राय ने कहा कि वह वित्त मंत्रालय में कार्यरत है। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई और बातचीत होने लगी।
शिकायत के अनुसार, एक दिन उसे प्रेमजीत राय से कहा कि स्कूल में कुछ कोर्स शुरू करने हैं व नई बिल्डिंग बनवानी है। इसके लिए लोन चाहिए। प्रेमजीत ने कहा कि वित्त मंत्रालय में होने के कारण उसके दिल्ली में विदेशी बैंकों से अच्छे संबंध हैं। स्कूल के सभी कागजात सही है तो वह भारतीय बैंक की बजाय विदेशी बैंक से ज्यादा रकम का लोन दिलवा देगा। इसके बाद आरोपी ने सभी दस्तावेज ले लिए और लोन की प्रक्रिया शुरू करने का दिखावा करने लगा।
दिल्ली स्थित सिंगापुर के बैंक की ब्रांच में खाता खुलवाने के लिए साढ़े सात लाख रुपये मांगे। 24 जुलाई 2022 को प्रेमजीत दो अन्य व्यक्तियों के साथ स्कूल में आया। इनमें विजय शर्मा को बैंक मैनेजर व हरजीत राजपूत को विजय का ड्राइवर बताया। आरोपी स्कूल से साढ़े सात लाख रुपये ले गए। इसके बाद आठ लाख रुपये की राशि लेकर गए। बाद में आरोपियों ने कहा कि लोन की अप्रूवल मिल गई है और दो लाख रुपये लेकर करनाल बुलाया। वहां रुपये ले लिए और कुछ कागजात पर साइन करवाए। आरोपियों ने 10 लाख रुपये का लोन सेंक्शन लेटर भी दिखाया।
शिकायकर्ता का आरोप है कि उसके दोस्तों के बच्चों ने नीट की परीक्षा दी थी, जिनके कुछ नंबर कम रह गए। प्रेमजीत से बात की तो उसने कहा कि वित्त मंत्रालय कोटे से दाखिला करवा देगा। तीन दाखिलों के लिए साढ़े सात लाख रुपये टोकन मनी मांगी और स्कूल से रुपये लेकर चल गए। इसके बाद फीस आदि भरने के बहाने बनाकर पांच लाख 15 हजार 10 रुपये हड़प लिए। रुपये देने के बावजूद न तो उसे लोन मिला और न ही विद्यार्थियों का दाखिला हुआ। इस बीच उनसे 50 लाख 21 हजार 10 रुपये हड़पे जा चुके थे।
धोखाधड़ी का पता चलने पर विजय शर्मा से बात की तो उसने कॉलेज फीस भरने के नाम पर 23 हजार रुपये मांगे, उन्होंने रुपये दे दिए। बाद में विजय शर्मा ने मोबाइल बंद कर लिया। प्रेमजीत राय से बात की तो उसने संजय जैन का नंबर दिया। संजय जैन ने कहा कि वह रुपये वापस दिलवा देगा, इसके लिए खर्च करना पड़ेगा। आरोपी ने 2.30 लाख रुपये भी हड़प लिए। रुपये हड़पने के बाद संजय ने धमकी देने शुरू कर दी। आरोपी उससे कुल 52 लाख 74 हजार 10 रुपये हड़प चुके हैं। प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी विजय के कब्जे से 40 हजार रुपये व लक्ष्मण के कब्जे से 50 हजार रुपये बरामद किए हैं। आरोपी विजय व लक्ष्मण को न्यायिक हिरासत में भेज दिया व आरोपी प्रेमजीत का पांच दिन पुलिस रिमांड हासिल किया है।