संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका (कैथल)। पंजाब बॉर्डर पर अजीमगढ़ गांव में एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ हुआ है। यह कथित नशा मुक्ति केंद्र बिना किसी सरकारी अनुमति के चलाया जा रहा था। मंगलवार देर शाम एसडीएम गुहला कैप्टन प्रमेश सिंह की टीम ने यहां दबिश दी, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
छापे के दौरान केंद्र में करीब 35 लोगों को बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस व प्रशासन ने सभी को रेस्क्यू कर सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया। इनमें से 10 लोगों को गुहला और 15 को जिला नागरिक अस्पताल भेजा गया।
जानकारी मिली है कि पिछले एक साल से चल रहे इस केंद्र में मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था। उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। मौके से 42 नशीली गोलियां भी बरामद की गईं।
चेकपोस्ट से महज 200 मीटर की दूरी पर चल रहा था केंद्र
यह अवैध केंद्र हरियाणा पुलिस की चेकपोस्ट से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर, स्टेट हाईवे के किनारे संचालित हो रहा था। ज्यादातर पीड़ित पंजाब के निवासी बताए जा रहे हैं।
एसडीएम गुहला कैप्टन प्रमेश सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना पर कार्रवाई की गई। केंद्र में हालात बेहद दयनीय थे और मरीजों को यातनाएं दी जा रही थीं। तीन आरोपियों को नामजद कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
थाना प्रभारी गुहला सुनील कुमार ने बताया कि जिला नारकोटिक्स अधिकारी डॉ. नवराज सिंह की शिकायत पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें केंद्र संचालक प्रिंस (निवासी समाना, पंजाब), गौरव (भठिंडा) और मकान मालिक ईश्वर (चाबा) शामिल हैं।
नशा मुक्ति केंद्रों की मान्यता पर भी उठे सवाल
डॉ. नवराज सिंह ने बताया कि प्रदेश में करीब 130 मान्यता प्राप्त नशा मुक्ति केंद्र संचालित हैं और 46 नए केंद्र खोलने की योजना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी केंद्र में मरीज को दाखिल कराने से पहले उसकी मान्यता की जानकारी अवश्य लें।