कैथल। गुहला-चीका क्षेत्र के गांवों में आई बाढ़ के बाद अब स्थिति सामान्य होने लगी है। ग्रामीणों की एक-दूसरे गांव और शहर में आवाजाही शुरू होने लगी है। स्थिति सामान्य होने में टूटी सड़कें परेशानी बन रही हैं।
गुहला क्षेत्र में नई और पुरानी मिलाकर करोड़ों रुपये की सड़कें बाढ़ के पानी के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इनमें कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। कुछ सड़कें तो पानी में बह भी चुकी हैं। ऐसे में लोगों की मांगों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने एक बार फिर सड़कों को जोडऩे का कार्य शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव चीका-समाना और चीका-पटियाला मार्ग के साथ लगते व बार्डर पर बसे गांवों में देखने को मिला है। जिन सड़कों को नुकसान कम हुआ है, वहां तो विभाग की ओर से मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है और जो सड़कें पानी में बह गई हैं और गांवों का कनेक्शन टूट गया है, वहां फिलहाल विभाग मिट्टी डालकर अस्थाई रास्ते बना रहा है ताकि मिट्टी सख्त होने के बाद इनको पक्का किया जा सके। जो क्षतिग्रस्त सड़कें ज्यादा लंबाई की हैं और चौड़ाई भी ज्यादा है, उनका दौरा कर विभाग रिपोर्ट तैयार कर रहा है, ताकि जल्द से जल्द उनके एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय को स्वीकृति के लिए भेजे जा सकें।
बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों में चीका से श्यो माजरा, भाटिया मार्ग, श्योमाजरा से दाबनखेड़ी, बाउपुर से हरनोली, चीका से दाबा-चाबा व बलबेहडा मार्ग प्रमुख हैं।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन वरुण कंसल ने बताया कि जिन सड़कों को नुकसान कम हुआ है, विभाग उनकी जिला स्तर पर ही मरम्मत करवा रहा है। जो सड़कें बड़ी हैं और नुकसान भी ज्यादा है, उनका दौरा कर रिपोर्ट बनाई जा रही हैं। इनके एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय को स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे ताकि जल्द से जल्द स्वीकृति मिले और इन्हें बनाने का कार्य शुरू हो सके।