कैथल। आरकेएसडी कॉलेज में साहित्य सभा कैथल के समन्वय से हरियाणा उदय व मेरी माटी, मेरी सौगंध के अभियान में जवाबी मुशायरा आजादी के बोल का आयोजन किया। इसमें नफ्स अंबालवी ने हिंसा, दंगे-फसाद पर सुनाया- बड़ी शिद्दत से नफरत बांटते फिरते हैं दुनिया में, इसी जज्बे से लोग आखिर मुहब्बत क्यूं नहीं करते।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम डॉ. संजय कुमार ने शिरकत की। अध्यक्षता प्रो. अमृतलाल मदान, प्रधान साहित्य सभा कैथल ने की। मुशायरे में कवि नरेंद्र अत्रि संतोषी ने भी प्रस्तुतियां दी। इससे पूर्व प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं मुख्य वक्ताओं का परिचय करवाया।
आयोजन में साहित्य सभा कैथल के 30 कवियों एवं शायरों ने इस कार्यक्रम में अपनी रचनाओं को प्रस्तुत किया। साहित्यिक रचनाएं स्वतंत्रता दिवस एवं भारत के उज्ज्वल भविष्य की कामना से ओत-प्रोत रहे।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ श्याम सुंदर शर्मा के वंदे मातरम गान से शुरू हुआ। सतपाल पाराशर ने बांसुरी वादन से माहौल को नया आयाम दिया, उन्होंने देश पर बलिदान शहीदों को कविता को तरन्नुम में गाकर याद भी किया।
चतुर्भुज बंसल, रामफल गौड़, रिसाव जांगड़ा ने हरियाणवी कविताएं प्रस्तुत कीं। कमलेश शर्मा, कमलेश संधू, प्रद्युम्न भल्ला, रजनीश शर्मा, मधु गोयल, राजेश भारती, कर्म चंद केसर, दिनेश बंसल, हरीश झंडेई, विकास आनंद, अशोक अत्रि एवं अन्य सम्मानित कवियों ने ओजस्वी कविता पाठ से माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यातिथि डॉ. संजय ने मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। मंच संचालन डॉ एसपी शर्मा ने किया। सांध्यकालीन सत्र के प्राचार्य प्रभारी डॉ. हरिन्द्र गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन सौंपा।