संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा सरकार भले ही सरकारी स्कूलों को हाईटेक और आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति कई स्थानों पर अलग तस्वीर पेश कर रही है। गांव कैलरम स्थित शहीद सिपाही रामचंद्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रही बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अव्यवस्थाएं सामने आईं, जिससे शिक्षा विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाए गए इस सरकारी विद्यालय में परीक्षार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच उपलब्ध नहीं थीं। स्थिति ऐसी बन गई कि कई विद्यार्थियों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और अस्थायी समाधान के तौर पर गांव के अन्य निजी स्कूलों से बेंच मंगवाकर व्यवस्था को संभालने का प्रयास किया गया।
मौके पर ली गई तस्वीरों में बेंचों से भरी ट्रॉली को स्कूल परिसर में प्रवेश करते देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि ये बेंच आसपास के निजी विद्यालयों से अस्थायी रूप से मंगवाई गईं, ताकि छात्र व्यवस्थित ढंग से अपनी बोर्ड परीक्षा दे सकें। ग्रामीण दलबीर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब सरकार स्कूलों को डिजिटल और आधुनिक बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, तो फिर बुनियादी सुविधाएं—जैसे विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच—क्यों उपलब्ध नहीं करवाई गईं? उनका कहना था कि यह केवल एक केंद्र का मामला नहीं है, बल्कि अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही बताई जा रही है।
सरकारी विद्यालय के बोर्ड परीक्षा केंद्र को बेंचों के लिए निजी स्कूलों का सहारा लेना पड़े, यह शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इस संबंध में जब प्रधानाचार्य रमेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विद्यालय की ओर से पूर्व में ही शिक्षा विभाग को बेंचों की मांग भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि जल्द ही हमारे विद्यालय को पर्याप्त बेंच उपलब्ध करा दी जाएंगी। बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए हमने गांव के निजी स्कूलों से संपर्क कर अस्थायी रूप से बेंच की व्यवस्था कर ली है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।