संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गांव शेरगढ़ के मौजूदा सरपंच संदीप कुमार की शनिवार को मौत से परिवार व गांव में मातम पसर गया। परिजनों के मुताबिक, एक नवंबर को करवाचौथ का व्रत खोलने के लिए पत्नी उसका इंतजार कर रही थी लेकिन बाद में उनके गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली। आनन-फानन में उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई ले जाया गया लेकिन इसके बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
हालांकि अभी तक उनकी मौत के कारणों का सही पता नहीं लग पाया है लेकिन ग्रामीणों ने उनकी हत्या का आरोप लगाया है। नाराज ग्रामीणों ने कैथल-जींद मार्ग पर जाम लगाकर अपना गुस्सा दिखाया। इस दौरान सरपंच के चचेरे भाई सुखदेव व रोहताश ने बताया कि संदीप के साथ यह वारदात रात को करीब 10 बजे हुई। उस दिन संदीप की पत्नी पूनम ने करवाचौथ का व्रत रखा हुआ था और वह अपने पति के घर आने का इंतजार कर रही थी। सरपंच त्योहार के चलते बच्चों व परिवार के लिए सामान लेने शहर गया हुआ था। भाभी को क्या पता था कि उसके पति के साथ इस प्रकार की घटना हो जाएगी।
सुखदेव ने बताया कि सरपंच संदीप अपने पिता का अकेला बेटा था। करीब 14 वर्ष पहले उसकी शादी हो गई थी। संदीप का 12 साल का एक बेटा भी है। ग्रामीणों ने बताया कि संदीप सरपंची के साथ गांव में खेती-बाड़ी भी करता था। इसके अलावा शहर में टूर एंड ट्रैवल का कार्य करता था। संदीप की मौत के बाद पूरे गांव की आंखें नम हो गई।
एक वर्ष दो दिन पहले बना था गांव का सरपंच
संदीप एक वर्ष दो दिन पहले ही गांव का सरपंच बना था। चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने संदीप के अच्छे व्यक्तित्व को देखते हुए उसे गांव की बागडोर सौंप दी थी। उसने गांव के विकास को लेकर न जाने कितने सपने संजो रखे थे और गांव में विकास कार्य शुरू भी करवा रखे थे। परिजनों ने बताया कि आज तक संदीप का गांव या गांव के बाहर किसी से झगड़ा तक नहीं हुआ था।