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Kaithal News: वार्ड नंबर दो में लगा समस्याओं का अंबार

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कलायत। नगर पालिका चुनाव को लेकर सभी वार्डों से पार्षदों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नई वार्डबंदी में कलायत नगर को 16 वार्डों में विभाजित किया गया है। कलायत के वार्डों की समस्याएं व आने वाले पार्षद से उम्मीदों को लेकर वार्ड नंबर दो के लोगों को आने वाले प्रतिनिधि से बहुत उम्मीदें हैं। इस वार्ड में भी समस्याओं का अंबार लगा है। लोगों का कहना है कि पूर्व के पार्षद से भी लोगों की उम्मीदें थीं पर वे पूरी न हो सकीं। वार्ड में आधारभूत सुविधाओं की भारी कमी है और वार्ड के लोगों का कहना है कि वे वोट देने से पहले समस्याओं को दूर करने का पूर्ण आश्वासन मांगेंगे। इस वार्ड में कुल 977 मतदाता हैं, जिनमें 518 पुरुष व 459 महिला मतदाता शामिल हैं।
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सफाई व्यवस्था है पूरी तरह से चौपट

पवन राणा ने कहा कि इस वार्ड में सफाई के नाम पर कुछ भी नहीं होता। वार्ड में झाडू मारने के लिए सफाई कर्मी पहुंचते ही नहीं है। इस कारण से गलियों में जगह जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। वार्ड की कुछ गलियों में तो डोर टू डोर व कचरा उठाने वाली ट्राली तक नहीं आती। गंदगी के ढेरों में आवारा पशु मुंह मारते रहते हैं जिसके चलते कचरा सड़क व गलियों पर बिखर जाता है।


बंद सीवरेज और बाधित पेयजल आपूर्ति परेशानी का कारण

संजीव ने कहा कि इस वार्ड की अनेक गलियों में सीवरेज ब्लाक हैं जिसके कारण से गंदा पानी उनमें से बैक मारता है गलियों में जमा हो जाता है। गंदे पानी से भरी गलियों से आम आदमी का निकलना भी मुश्किल है। गंदे पानी से उठने वाली दुर्गंध व मच्छरों के कारण से बस्ती का हर व्यक्ति बहुत दुखी है। इसके साथ साथ वार्ड में पीने के पानी की भारी कमी है। इस वार्ड में सप्ताह में दो से तीन दिन ही पेयजल की सरकारी सप्लाई आती है जिसके कारण से लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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बीबड़ी माता का कच्चा रास्ता बना परेशानी का कारण

कृष्ण राणा ने कहा कि इस वार्ड में बीबड़ी माता का मंदिर है जिसमें देश भर से लोग बच्चों के बाल उतरवाने व प्रसव से पूर्व माथा टिकवाने के लिए आते हैं। इस अनूठे मंदिर तक जाने के लिए पक्का रास्ता ही नहीं है। मुख्य मार्ग पर कोई बोर्ड न होने के कारण दूर दूर से आने वाले लोगों को मंदिर का मार्ग पता ही नहीं चलता। पूछ पता करके लोग मंदिर के रास्ते पर जाते हैं तो वह पूरी तरह से कच्चा होने के कारण बाहर से आने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बना है। इसके अलावा इस वार्ड में लगाई गई स्ट्रीट लाइटें जलती ही नहीं जिसके कारण से वार्ड की अधिकांश गलियां अंधेरे में डूबी रहती हैं।


सामुदायिक केंद्र की है दरकार

वहीं, वार्ड के ईश्वर शर्मा, संजय निर्मल, आदी का कहना है कि इस वार्ड में कोई भी धर्मशाला या सामुदायिक केंद्र न होने के कारण से भारी परेशानी है। वार्ड में नगरपालिका की भूमि भी खाली पड़ी है। यदि इस वार्ड में कोई सांझा सामुदायिक केंद्र नगरपालिका द्वारा बनाया जाए तो वार्ड के लोगों को दुख सुख या विवाह जैसे अवसरों पर सहूलियत मिल सकेगी।
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