फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: स्कूल में कहीं बेंच नहीं, कहीं पीने का पानी, बालू के स्कूल में बच्चे गंदा पानी पीने को मजबूर

विज्ञापन
वाटर कूलर का गंदा पानी दिखाते अभिभावक । सोशल मीडिया
विज्ञापन
कैथल। जिले के दो सरकारी स्कूलों में सामने आई व्यवस्थाएं चिंताजनक हैं। गांव बालू की बिढ़ान पट्टी स्थित सरकारी स्कूल में पीने के पानी और साफ-सफाई की समस्या है। स्कूल में बच्चे गंदा पानी पीने को मजबूर हैं, वहीं शिक्षक कैंपर मंगवाकर साफ पानी पी रहे हैं। कैलरम के शहीद सिपाही रामचंद्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बेंच की सुविधा नहीं है। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान पर्याप्त बेंच नहीं होने के कारण कुछ परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देने की स्थिति बनी थी। स्कूल आने-जाने के लिए परिवहन सुविधा नहीं होने से बच्चे पैदल पहुंचते हैं।
विज्ञापन

14 कंप्यूटर लेकिन एक भी काम नहीं कर रहा
कैलरम स्कूल की आईसीटी लैब में करीब 14 कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध हैं लेकिन सभी कंप्यूटर खराब पड़े हैं। यू-डायस पोर्टल पर भी इन कंप्यूटरों का स्टेटस नॉट वर्किंग दर्ज किया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए उपलब्ध संसाधन होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
गांव कैलरम के सरकारी स्कूल को बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त बेंच उपलब्ध नहीं होने से कुछ विद्यार्थियों को जमीन पर बैठना पड़ा था। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने आसपास के निजी स्कूलों से बेंच मंगवाकर व्यवस्था संभालने का प्रयास किया था। इस घटना की पुरानी तस्वीर भी सामने आई थी जिसमें परीक्षा केंद्र पर बेंचों की कमी के बाद निजी स्कूलों से मंगवाए गए बेंच दिखाई दिए थे। हालांकि स्कूल भवन की स्थिति ठीक है। कुछ कमरे पिछले वर्ष ही बनाए गए हैं। विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात भी संतोषजनक है। स्कूल में फुटबॉल मैदान है और फुटबॉल नर्सरी संचालित होती है। इसके अलावा छप्परनुमा हाल में वूशु की नर्सरी भी चल रही है। छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक है।
विज्ञापन


बालू के स्कूल में पानी की गुणवत्ता पर परिजनों ने उठाए सवाल
गांव बालू की बिढ़ान पट्टी स्थित सरकारी स्कूल में पीने के पानी और साफ-सफाई की अव्यवस्था का मामला सामने आया है। शनिवार को ही बच्चों ने घर पहुंचकर परिजनों को स्कूल में मिलने वाले पानी की स्थिति के बारे में बताया। इसके बाद कुछ परिजन स्कूल पहुंचे और पानी की टंकी और वॉटर कूलर की जांच की। परिजनों का दावा है कि पानी में गंदगी और कीड़े दिखाई दिए जिसके कारण उन्होंने इसे पीने योग्य नहीं माना। उन्होंने स्कूल के बाथरूम, पानी की सप्लाई और साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया और कई खामियां होने का आरोप लगाया। बच्चों ने भी स्कूल में सामने आ रही समस्याएं अपने माता-पिता को दिखाईं। परिजनों ने स्कूल में पानी और अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किए। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल स्टाफ अपने लिए अलग से कैंपर का पानी मंगवाता है। जब बच्चों ने उस पानी को पीने की कोशिश की तो उन्हें बताया गया कि यह पानी स्टाफ अपने खर्च पर मंगवाता है। हालांकि बालू स्कूल में शिक्षकों व भवन की स्थिति ठीक है।
गांव कैलरम में स्कूल में कुछ खामियां हैं तो उन्हें दूर किया जाएगा। कंप्यूटर जो पुराने हो चुके हैं, उनका ब्योरा मांगा जा रहा है। वहीं गांव बालू के सरकारी स्कूल में खुद खंड शिक्षा अधिकारी गए हैं, वो खुद वहां पानी पीकर आए हैं और वही पानी बच्चों ने भी पीया है। टंकी सफाई के दौरान जो नीचे पानी मटमैला पानी होता है, उसको एक बर्तन में डालकर वीडियो बनाया गया है, जो सच नहीं है।
प्रमोद कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, कैथल।

वाटर कूलर का गंदा पानी दिखाते अभिभावक । सोशल मीडिया

वाटर कूलर का गंदा पानी दिखाते अभिभावक । सोशल मीडिया

वाटर कूलर का गंदा पानी दिखाते अभिभावक । सोशल मीडिया

वाटर कूलर का गंदा पानी दिखाते अभिभावक । सोशल मीडिया

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें