कैथल। जिले में विभिन्न विभागों से बनाई जाने वाली सड़कों का निर्माण करने वाली एजेंसियों को निर्धारित अवधि तक उनकी खुद ही देखरेख करनी होगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर कहने की जरूरत न पड़े। साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हर सप्ताह पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट डीसी कार्यालय को भेजेंगे। यह निर्देश डीसी प्रदीप दहिया ने मीडिया से बातचीत में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जारी किए। पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए डीसी ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी स्तर पर सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। कैथल के खरादिया मोहल्ले का मामला उदाहरण बनाया जाएगा। इसी प्रकार गांव बाबा लदाना में पात्र परिवारों को 10 साल तक भी लाभ न मिलने के मामले में लापरवाही मिलने पर तत्कालीन सरपंच, पंच सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज करवाया जा रहा है। इसके लिए पुलिस को लिख दिया गया है। साथ ही तत्कालीन बीडीपीओ जो इस समय डीडीपीओ बन चुके हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को लिखा जा रहा है। डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता में सड़कों से पशुओं को हटवाना, जिले में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को शुरू करवाना व संस्कृत विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में तेजी लाना है। साथ ही महात्मा गांधी बस्ती योजना में पहले पात्र पाए जा चुके लाभार्थियों को मई माह तक प्लाट का आवंटन करना है। डीसी ने कहा कि सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश के प्रबंधन के लिए समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से शेड बनाए जा रहे हैं। डीसी ने कहा कि स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को 15 दिन का समय देते हुए निर्देश दिए गए हैं कि शहर में चल रही हरे चारे की दुकानों को बाहर किया जाएगा। डीसी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में 811 लाभ पात्रों को लाभ दिया जाएगा। डीसी ने कहा कि जिले में कुछ जगहों पर सड़कों के खराब टुकड़ों को ठीक करवाना भी प्रशासन की प्राथमिकता में है। गांव शिमला में राज्यपाल के दरबार में आई अवैध खुर्दाें की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। गांव साकरा में तालाब की जमीन पर लिए गए बिजली कनेक्शन को कटवा दिया गया है।
शहर में सीवरेज की सफाई करने के बाद मौके पर ही छोड़ी जाने वाली गंदगी पर डीसी ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस गंदगी को नियमानुसार साफ करवाएंगे। किसी एजेंसी द्वारा इंटरनेट के तार डालने को लेकर उखाड़ी गई सड़कों को लेकर भी संबंधित अधिकारी कार्रवाई करेंगे। बैठक में एसडीएम नवीन कुमार और सुशील कुमार, आरटीए गिरीश कुमार, सीटीएम गुलजार अहमद, डीएमसी कुलधीर सिंह, अतिरिक्त सीईओ अमित कुमार, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, कार्यकारी अभियंता केएस पठानिया सहित कई अधिकारी व मीडिया कर्मी उपस्थित रहे।