संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। फरल में महाग्राम सीवरेज योजना के तहत चल रहे कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने ठेकेदार और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर अनियमितता और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ढांड गांव में किए जा रहे सिवरेज कार्य और फरल गांव में चल रहे कार्य में स्पष्ट अंतर देखा जा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन (मान) गुट के अध्यक्ष ठाकुर गुणी प्रकाश और ग्रामीण राजेश राणा, श्रवण राणा, संदीप, कंवरपाल व सुशील ने आरोप लगाया कि फरल गांव में सीवरेज कार्य न तो मानकों के अनुसार किया जा रहा है और न ही गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है। गलियों और सड़कों को उखाड़कर महीनों से अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे गहरे गड्ढे बन गए हैं।
बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भरकर कीचड़ और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इससे ग्रामीणों को अपने घरों तक पहुंचने में कठिनाई होती है और बच्चों व बुजुर्गों के गिरने का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे योजना भविष्य में बेकार साबित हो सकती है। विभागीय अधिकारी भी कार्य की सही निगरानी नहीं कर रहे हैं, जिससे ठेकेदार की मनमानी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सीवरेज कार्य की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।