संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। नवरात्र के अवसर पर मां कात्यायनी मंदिर में लगातार भक्तों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है। अल सुबह से ही मंदिर में मां के दर्शनों के लिए भक्तों की भारी भीड़ जमा होना शुरू हो जाती है जो बाद दोपहर तक रहती है।
मंदिर के मुख्य पुजारी संजय शास्त्री ने कहा कि इस मंदिर में पिछले 400 सालों से मां की अखंड ज्योति जल रही है। नवरात्र में देश भर से भक्त यहां आते हैं और मन्नत मांगते हैं। जिनकी मन्नत पूरी हो जाती हैं वे नौ दिन यहां रह कर मां की अखंड ज्योति जला कर मां की अर्चना में ही रहते हैं। उनके रहने व खाने पीने का प्रबंध मंदिर की और से किया जाता है।
संजय ने कहा कि मां कात्यायनी को बेमाता के नाम से भी जाना जाता है। बच्चे के जन्म के बाद छठे दिन जब उसे वस्त्र पहनाए जाते हैं तो उसी दिन जो माता बच्चे का भाग्य लिखती है वह कात्यायनी ही होती है। माता के मंदिर में नवरात्र को छोड़ कर पूरे वर्ष उबले चने का भोग लगाए जाने का प्रावधान है जो सदियों से चला आ रहा है। मां का प्रसाद फल से लगाया जाता है। संवाद