संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/राजौंद। चार दिन के बाद शनिवार सुबह क्षेत्र में घना कोहरा देखने को मिला, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। हालांकि करीब 10 बजे धूप निकल आई, लेकिन शीतलहर के चलते ठंड से कोई खास राहत नहीं मिली।
मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे सुबह और रात के समय पाला पड़ने की स्थिति बनी। खेतों और खुले इलाकों में घास व फसलों पर पाले की परत दिखाई दी।
शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ठंडी हवाओं के कारण यह और भी कम महसूस हुआ।
सुबह और शाम के समय शीतलहर का असर ज्यादा रहा। लोग अलाव और हीटर का सहारा लेते नजर आए, वहीं बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही कम रही। ठंड बढ़ने के कारण बुजुर्गों, बच्चे और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सकों ने लोगों से सर्दियों में गर्म कपड़े पहनने और ठंडे पानी या ठंडी चीजों से परहेज करने की अपील की।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है, लेकिन शीतलहर से राहत के आसार कम बताए गए हैं। ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रहेगी, इसलिए लोगों को सतर्क रहते हुए दिनचर्या तय करने की सलाह दी गई है।
शीत लहर के बीच शहर में शनिवार को सुबह ही सूर्य देव ने दर्शन दिए। जिससे लोगों को ठंड से काफी राहत मिली। ठंड से गेहूं की फसल में अच्छा खासा लाभ बना हुआ है। पिछले 15 दिनों से गेहूं के पौधे में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। पिछले दो दिनों से कुछ समय के लिए धूप निकल रही है लेकिन ठंडक से राहत नहीं मिलती। शनिवार को सुबह-सुबह सूर्य देवता ने आसमान पर लोगों को दर्शन दिए तो देखते-देखते तेज धूप निकली। जिससे वातावरण गर्म हुआ और लोगों को कुछ हद तक ठंड से काफी राहत मिली। वहीं बाजारों में भी लोगों की चहल-पहल देखने को मिली।