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Kaithal News: प्रदेशाध्यक्ष की अनुशासन की चाबुक का असर, साथ दिखे कांग्रेसी

Fri, 21 Nov 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कपिल तंवर
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कैथल। साल 2024 में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस कहीं न कहीं सबक लेते हुए नजर आ रही है। हार की समीक्षा करने के बाद कांग्रेस नेता अब एक मंच पर जुटना शुरू हो गए हैं। यह प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की सख्ती का असर बताया जा रहा है। 

इसका ताजा उदाहरण कैथल में भाजपा सरकार के खिलाफ वोट-चोरी और कानून व्यवस्था को लेकर हुए कांग्रेस के प्रदर्शन में देखने को मिला, जहां वर्षों से अलग-अलग पाले माने जाने वाले नेता एक साथ मौजूद दिखे।
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प्रदर्शन में हुड्डा गुट के विधायक विकास सहारण, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस से जुड़ने वाले विधायक देवेंद्र हंस, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सुल्तान सिंह

जडौला समेत कई नेता राव नरेंद्र सिंह और रणदीप सुरजेवाला के साथ मंच साझा करते नजर आए।

वहीं लंबे समय से विरोधी माने जाने वाले रणदीप सुरजेवाला और सांसद जयप्रकाश उर्फ जेपी के बेटे भी प्रदर्शन के दौरान आपस में बातचीत करते देखे गए। इससे पहले भी शहर में हुए वोट-चोरी विरोधी कार्यक्रम में विधायक देवेंद्र हंस, जिला अध्यक्ष रामचंद्र गुर्जर और सुदीप सुरजेवाला एक साथ कदमताल करते दिखे थे।

राव नरेंद्र के अनुसार यह कमेटी पार्टी नेताओं के आचार-व्यवहार, आंतरिक अनुशासन और सदस्य आचरण से जुड़ी शिकायतों की जांच कर तत्काल कार्रवाई करेगी। संवाद

गुटबाजी से मिली हार के बाद अनुशासन पर फोकस

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में सत्ता से दूर रहने की प्रमुख वजह कांग्रेस की गुटबाजी थी। हार के बाद प्रदेश नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया और संगठन में अनुशासन लागू करने पर जोर बढ़ाया। 6 अक्तूबत को पद संभालते ही प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने अनुशासन समिति बनाने की मांग रखी थी। प्रदेश प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने निर्देश देते हुए कहा था कि कमेटी जल्द गठित की जाएगी। इसके लिए राव नरेंद्र ने हाईकमान को पैनल भेजा था। अब यह समिति सक्रिय हो चुकी है।
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राव नरेंद्र का स्पष्ट संदेश ः अनुशासन तोड़ा तो बाहर

प्रदेशाध्यक्ष ने नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को साफ चेतावनी दी है कि गुटबाजी छोड़ें और एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करें, वरना अपना रास्ता अलग चुन लें। चाहे कोई कितना ही बड़ा नेता क्यों न हो, यहां तक कि मेरा निजी व्यक्ति या भाई भी क्यों न हो—अनुशासन भंग किया तो तुरंत बाहर किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हरियाणा कांग्रेस हाईकमान के निर्देशों के अनुसार ही चलेगी।
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