संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि देशवासियों ने एक सुर में राष्ट्रीय गीत वंदेमारतम का गायन किया, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के गौरव से गुंजायमान हो उठा। यह सामूहिक गान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को श्रद्धांजलि देने और राष्ट्रीय संकल्प को दोहराने का प्रतीक बना। ये विचार पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा ने शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। वे यहां पर मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन लाइव प्रसारण के माध्यम से सुना गया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं है, यह राष्ट्र की धड़कन है। यह भारत की आत्मा है। यह एक ऐसी शक्ति है, जिसने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए भारत के स्वराज्य आंदोलन को नई ऊर्जा दी।