संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक प्रोफेसर अमरेंद्र पी. बेहेरा ने आरोही स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने माइंड मैपिंग विधि की विशेष प्रशंसा कर इसकी सराहना की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की आईटी लैब, पुस्तकालय, डिजिटल ई-लाइब्रेरी और अटल लैब का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित विद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला द्वारा स्थापित हिंदी भाषा लैब, जो माइंड मैपिंग तकनीक पर आधारित है, का भी निरीक्षण किया गया। प्रोफेसर बेहेरा ने माइंड मैपिंग विधि की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि यह तकनीक विद्यार्थियों की रचनात्मकता, विश्लेषण क्षमता और स्मरण शक्ति को सुदृढ़ बनाती है। जटिल विषयों को सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत करने में यह पद्धति अत्यंत उपयोगी है। भाषा शिक्षण में यह विचारों के संगठन, शब्द भंडार विस्तार और लेखन कौशल के विकास में सहायक सिद्ध होती है।
डॉ. विजय चावला द्वारा तैयार ‘खेल पिटारे’ और ‘हिंदी पजल कॉर्नर’ का भी अवलोकन किया गया। उन्होंने अभिनव शिक्षण पद्धति की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया। साथ ही भारत सरकार की डिजिटल ई-लाइब्रेरी पहल को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसे शिक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मनीष सिंगला सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे।