कैथल। सरकारें बदलती रहीं, वीआईपी दौरे होते रहे, लेकिन कैथल-चीका-पटियाला स्टेट हाईवे की हालत नहीं बदली। मुख्यमंत्री के स्वागत से पहले लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए पैचवर्क की हकीकत 4-5 दिनों में ही सामने आ गई। कैथल से चीका की ओर मात्र 8 किलोमीटर के दायरे में ही छोटे-बड़े 250 से अधिक गड्ढे हैं।
करीब 30 किलोमीटर लंबा यह स्टेट हाईवे हरियाणा को पंजाब से जोड़ता है, लेकिन इसकी बदहाली अब हजारों गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
आरोप है कि सीएम के दौरे से पहले केवल खानापूर्ति के लिए एक साइड पर लीपापोती की गई, जो कुछ ही दिनों में उखड़ गई। आरोप है कि सीएम के दौरे से पहले केवल खानापूर्ति की गई।
दावों की जगह धूल और गहरे गड्ढे : लोक निर्माण विभाग के दावों की पोल खुल चुकी है। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले जिस मार्ग को दुरुस्त दिखाने का दावा किया गया था, वहां अब धूल उड़ रही है और गहरे गड्ढे नजर आ रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि इस मार्ग पर सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं।
स्थानीय लोगों- रामेश्वर फौजी, कृष्ण, महेश आदि ने आरोप लगाया कि पैचवर्क में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका बनती है।
यह हाईवे न केवल हरियाणा-पंजाब संपर्क का प्रमुख मार्ग है, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और आवागमन की लाइफलाइन भी है। इसके बावजूद अनदेखी के कारण यह मार्ग अब हादसों का पर्याय बनता जा रहा है। इस कारण लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
नेताओं ने फोटो खिंचवाई, सड़क की हकीकत नहीं बताई
हाईवे से सटे गांवों में सत्ता पक्ष के कई नेताओं का निवास है। 6 फरवरी को मुख्यमंत्री का स्वागत भी इसी मार्ग पर किया गया। नेताओं ने स्वागत में तो सक्रियता दिखाई, लेकिन जर्जर सड़क की वास्तविक स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराने की पहल नहीं की।
ठेकेदार को पूरी सड़क पर दोबारा पैचवर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका खर्च सरकार पर नहीं आएगा। पहले किए गए पैचवर्क में वाहनों की आवाजाही के कारण समस्या आई थी, जिसे जल्द दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
-नवनीत नैन, एसई-लोक निर्माण विभाग
कैथल-चीका हाईवे पर जर्जर सड़क से गुजरते वाहन चालक। संवाद
कैथल-चीका हाईवे पर जर्जर सड़क से गुजरते वाहन चालक। संवाद