कलायत। चंडीगढ़-हिसार राष्ट्रीय मार्ग पर 16 फरवरी को अवैध निर्माणों को ढहाने की कार्यवाही के बाद भी कलायत शहर में विभिन्न स्थानों पर अवैध कॉलोनियां काटने का सिलसिला थम नहीं रहा है। सरकार की आवास योजना के नाम पर एक कॉलोनी करीब आधा एकड़ में पुलिस स्टेशन के नजदीक, दूसरी कॉलोनी फकीर बाबा नौगजा पीर धार्मिक स्थल के पास और कुछ दूसरे स्थानों पर गुपचुप ढंग से अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इन अवैध कालोनियों में हाथों-हाथ बिजली, पेयजल, पार्क, जिम, प्राइमरी स्कूल और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के सपने लोगों को दिखाए जा रहे हैं। इसके पीछे क्लोनाइजरों की मंशा खरीदारों को अपने जाल में फंसाना है।
सरकारी नियमों के अनुसार, जमीन की रजिस्टरी के लिए प्रत्येक व्यक्ति के पास अलग से प्रॉपर्टी आईडी होना जरूरी है। इस तरह आईडी के बिना न तो रजिस्टरी हो पाएगी और न ही बिजली-पानी के कनेक्शन लोगों को मिल पाएंगे। परिणामस्वरूप इन हालातों में सरकार के विभिन्न विभागों की यह जिम्मेदरी बनती है कि वे लोगों को तत्काल अवैध कालोनियों के कारण आने वाली समस्याओं से अवगत करवाए।
जिला योजनाकार राजकीर्ति ने बताया कि विभाग की ओर से अवैध कॉलोनियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत हाल ही में चंडीगढ़-हिसार राष्ट्रीय मार्ग पर दो निर्माणों को ढहाया गया है। इसके साथ ही कलायत में जिन दो अवैध कॉलोनियों को काटने का मामला सामने आया है, उनका रिकॉर्ड जांचा जा रहा है। इसके उपरांत विभागीय कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने लोगों से अवैध कालोनियों में प्लॉट नहीं खरीदने की अपील की है।