संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की अनाज मंडियों की आवक अब जोरों पर है और अब सीजन समाप्ति की ओर है। इस समय सीजन तो खत्म होने को है, लेकिन इस बार गेहूं की फसल की उठान में 10 से 15 दिन की देरी हो रही है। उठान की यह समस्या गाड़ियों की कमी की समस्या के कारण आ रहा है।
आढ़तियों का कहना है कि जिस ठेकेदार ने उठान की ठेका लिया है, उसके पास पर्याप्त संख्या में गाड़ियां नहीं है। ऐसे में सही समय पर गेहूं की उठान नहीं हो पा रही है। गौरतलब है कि इस समय जिलेभर की अनाज मंडियों में 13 लाख से अधिक क्विंटल की आवक हो चुकी है, लेकिन करीब साढ़े तीन लाख क्विंटल गेहूं की फसल का उठान हो सकी है।
इस समस्या के संदर्भ में एक दिन पहले ही आढ़तियों ने डीसी से मिलकर अपनी बात रखी थी। पिछले करीब एक सप्ताह से उठान की समस्या का कोई समाधान नहीं होने से आढ़ती परेशान हैं।
मजदूरों की कमी से ट्रक से माल उतारने में लग रहा समय : एक तरफ जहां उठान की समस्या बनी है।
वहींं, उठान होने के बाद अब गोदामों में मजदूरों की कम के चलते लोडेड ट्रकों से माल उतारने में भी 24 से 26 घंटे का समय लग रहा है। ऐसे में लोडेड गाड़ियों के चालकों को भी एक से डेढ़ दिन का समय लग रहा है। हैफेड के गोदाम में अपनी गाड़ी से गेहूं की फसल उतारने पहुंचे चालक ने बताया कि यहां पर अभी केवल तीन टोलियां ही हैं।
ऐसे में ट्रकों की संख्या अधिक होने के कारण माल उतरवाने में काफी अधिक समय लगा है।
वह मंगलवार सुबह करीब 10 बजे अपनी गाड़ी लेकर गोदाम के बाहर पहुंचा था परंतु उसे बुधवार सुबह तक गाड़ी से माल उतारने की जानकारी दी है।
ऐसे में उसे एक दिन का इंतजार करना पड़ेगा। उधर, मार्केट कमेटी कैथल के सचिव नरेंद्र ढुल ने बताया कि मंडियों में अब व्यवस्था ठीक होने लगी है।
उठान के ठेकेदार को भी उठान में तेजी लाने के दिशा-निर्देश जारी किए गए है।