संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। बाबू अनंत राम जनता कॉलेज, कौल में आयोजित 11वें रत्नावली युवा सांग महोत्सव (कुरुक्षेत्र जोन) का दूसरा दिन सांस्कृतिक वैभव, भावनात्मक अभिव्यक्ति और लोक परंपराओं की अनुपम छटा से आलोकित रहा। इसमें ‘राजा हरिश्चंद्र’ सांग में कलाकारों की प्रस्तुति ने समां बांध दिया।
मंच के माध्यम से प्रस्तुत सांग ‘राजा हरिश्चंद्र’ केवल एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि सत्य, त्याग और अटूट धर्मनिष्ठा का जीवंत संदेश बनकर उभरा। इसे एसडी (पीजी) कॉलेज, पानीपत की टीम ने शानदार ढंग से प्रस्तुत किया। मंचन के प्रत्येक दृश्य में कलाकारों की सशक्त अभिव्यक्ति, संवादों की प्रभावशीलता, पारंपरिक वेशभूषा और मधुर संगीत ने ऐसा वातावरण निर्मित किया, मानो इतिहास मंच पर उतर आया हो।
कलाकारों ने भावनाओं की गहराई को इस प्रकार प्रस्तुत किया कि दर्शक कथा से आत्मिक रूप से जुड़ गए। हर दृश्य के साथ दर्शकों की भावनाएं प्रवाहित होती रहीं और प्रस्तुति के समापन पर गूंजती तालियों ने कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की पुष्टि की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम निदेशालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की उपनिदेशक डॉ. सलोनी पवन दीवान उपस्थित रहीं, जबकि अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल ने की।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अनीता नैन के कुशल निर्देशन और दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजन का प्रत्येक आयाम उत्कृष्टता की मिसाल बना। युवा एवं सांस्कृतिक विभाग की टीम ने समर्पण, अनुशासन और सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम को भव्य सफलता दिलाई।
मुख्य अतिथि डॉ. सलोनी पवन दीवान ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे महोत्सव युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को मंच प्रदान करते हैं और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ते हुए नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कलाकारों की प्रतिभा और समर्पण की सराहना की। इस अवसर पर कर्ण सिंह, ईश्वर सिंह, सुरेंद्र कुमार, मलखान सिंह और रिंकू आदि उपस्थित रहे।