संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में कुत्तों के काटने के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे रैबीज का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस माह के 12 दिनों में ही 82 मामले दर्ज हो चुके हैं। अब जिले में यह स्थिति है कि प्रतिदिन 8 से 10 नए मरीज कुत्तों के काटने के बाद रैबीज से बचाव के लिए टीका लगवाने सामान्य अस्पताल पहुंच रहे हैं।
दरअसल, एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने लावारिस कुत्तों की समस्या को गंभीर मानते हुए उन्हें शेल्टर होम में रखने के आदेश दिए हैं। आदेशों के तहत नगर परिषद जल्द ही उन जगहों की पहचान शुरू करेगी, जहां कुत्तों की संख्या अधिक है और लोगों को उनसे खतरा है। इसके बाद शेल्टर होम बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें कुत्तों को रखने के प्रबंधों को लेकर भी तैयारी की जाएगी।
लोग बोले
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अस्पताल में अपने बेटे को टीका लगवाने पहुंची रानी ने बताया कि एक दिन पहले ही उसके बेटे अनुज को कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद वह सुबह रैबीज का टीका लगवाने अस्पताल आई।
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उन्होंने कहा कि गांवों में बंदरों की समस्या भी बढ़ गई है, जिससे बच्चों में भय बना रहता है। संबंधित विभाग को इस पर भी ध्यान देना चाहिए। कुत्तों की तरह बंदरों के काटने का भी डर रहता है।
n सिरटा रोड निवासी रीतू ने बताया कि उसकी 5 वर्षीय पोती नेहा को गली में कुत्ते ने काट लिया था। वह उसे टीका लगवाने अस्पताल आई थी। उन्होंने कहा कि गलियों में घूम रहे कुत्तों को समय पर टीका लगना चाहिए, ताकि उनके काटने से कोई खतरा न हो।
रैबीज से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। रैबीज से बचाव के लिए बनाए गए टीकाकरण केंद्रों पर विशेष ड्यूटी भी लगाई गई है। लोगों से अपील है कि वे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत अब पूरे शहर में कुत्तों अधिक कुत्तों वाली जगहों का चिह्नित करना जल्द शुरू किया जाएगा। नगर परिषद के पास पर्याप्त जगह शेल्टर होम बनाने के लिए है। कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही काम किया जाएगा। गोवंश की तरह ही इन्हें पकड़ा जाएगा। -सुरभि गर्ग, नगर परिषद अध्यक्ष
35 कैथल। शहर की एक गली में मौजूद आवारा कुत्ता। संवाद