गुहला-चीका। चीका की अनाज मंडियों में सोमवार तक लगभग साढ़े 14 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन उठान का कार्य धीमी गति से होने के कारण मंडी में बोरियों के ढेर लग गए है। इस कारण किसानों को अपनी फसल डालने के लिए जगह नहीं मिल रही वहीं आढ़तियों को खुले आसमान के नीचे पड़ी गेहूं के खराब होने का डर सता रहा है।
आढ़ती अशोक कुमार, राजकुमार, रूलदू राम, मलकीत सिंह आदि ने बताया कि ठेकेदार गेहूं उठान का टेंडर तो छुड़ा लेता है लेकिन उसके पास पर्याप्त मात्रा में गाड़ियां नहीं होती जिसके चलते उठान का काम समय से नहीं हो पाता।
नाराज आढ़तियों ने बताया कि सीजन बीत जाने के बाद कई महीनों तक गेहूं की बोरियां मंडी में पड़ी रहती है, लेकिन ना तो खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की इसकी चिंता होती। आढ़तियों ने बताया कि मंडी में पड़ी गेहूं खराब होने लगती है और बाद में इसका हर्जाना आढ़तियों से वसूला जाता है।
उन्होंने बताया कि गेहूं का उठाना नहीं होने के चलते एजेंसियां किसानों के खातों में रुपये नहीं भेज रही जिससे किसान भी परेशान हैं। अशोक कुमार व राजकुमार ने कहा कि यदि सरकार गेहूं उठान का कार्य आढ़तियों को सौंपती है तो खरीद के तुरंत बाद गेहूं सरकार के गोदामों तक पहुंचने में जरा भी देर नहीं लगेगी। संवाद
अनाज मंडी में अभी भी काफी बोरियों उठान के इंतजार में पड़ी हैं। उठान के कार्य में कुछ तेजी आई है। उम्मीद है कि ठेकेदार अगले कुछ दिनों में उठान काम पूरा कर लेगा। -सतबीर राविश, सचिव मार्केट कमेटी चीका।