कैथल। यदि आप अपने बच्चों को विदेश भेजने की सोच रहे हैं तो पहले सावधानी से पूरी प्रक्रिया अपनाएं। क्योंकि विदेशी चमक दमक दिखाकर सक्रिय गिरोह युवकों का अपहरण कर परिजनों से मोटी वसूली कर रहे हैं। खास बात यह है कि उत्पीड़न का शिकार होने के बाद भी कई परिजन पुलिस तक नहीं जाते। कैथल में एक युवक के परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के बाद पुलिस ने न केवल युवक को सकुशल बरामद किया है, बल्कि गिरोह सरगना सहित पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
कैथल के गांव बाकल से कनाडा जाने के लिए घर से निकले युवक के साथ पहले मारपीट की गई। इसके बाद बंधक बनाकर बंदूक की नोक पर उससे घर पर फोन करवाए गए, ताकि परिजन डर के मारे पैसे दे दें। गनीमत रही कि इस युवक के परिजनों ने हिम्मत दिखाई और पुलिस की मदद ली। इससे न केवल गिरोह का खुलासा हुआ, बल्कि युवक की भी सकुशल बरामदगी हो सकी।
दरअसल, कैथल जिले में अमेरिका, कनाडा, पुर्तगाल व इंग्लैंड भेजने के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसके लिए ठग गिरोह अलग-अलग तरह के विज्ञापन दिखाकर युवाओं को चंगुल में फंसा लेते हैं और फिर उनसे लाखों रुपये की वसूली करते हैं। साजिश के तहत ठग गिरोह पहले बेरोजगारों को अपने कार्यालय बुलाते हैं। वहां उनके दस्तावेज जमा कराते हैं। कुछ दिन बाद नामी कंपनी में चयन होने की बात कहते हैं। फिर वीजा बनवाने के लिए रुपये की मांग करते हैं। इसके बाद वीजा की जाली कॉपी भेजते हैं। वहीं चिकित्सकीय परीक्षण के नाम पर दोबारा वसूली शुरू कर देते हैं। इसके लिए वीजा, पासपोर्ट, शैक्षणिक दस्तावेज अपने पास रखवा लेते हैं। पहले युवाओं को रजिस्ट्रेशन, फाइल प्रोसेसिंग जैसे खर्च के नाम पर लूटपाट चल रही है।
इसके बाद मेडिकल और वीजा के नाम पूरी कसर निकाल ली जाती है। पुलिस अधीक्षक मकसूद अहमद ने लोगों से अपील की है कि विदेश जाने के लिए हरियाणा में केवल अधिकृत एजेंसियों से ही संपर्क करें। उन्होंने नागरिकों से अनाधिकृत एजेंसियों के माध्यम से विदेश जाने से बचने का आह्वान किया। इसके अलावा यदि कोई अन्य एजेंसी या व्यक्ति किसी नागरिक को विदेश भेजने का लालच देता है तो वह पूरी तरह से गैर-कानूनी और अवैध है। पुलिस द्वारा इस प्रकार के अपराधियों से कड़ाई पूर्वक निपटा जाएगा।
पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार, झारखंड व मुंबई में फैला है नेटवर्क-
पश्चिम बंगाल, मुंबई, दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान सहित कई जगह पर विदेश भेजने वाले ठगों का नेटवर्क फैला हुआ है। सभी राज्यों में जालसाजों ने अपने एजेंट लगा रखे हैं। अपने एजेंटों के जरिए लोगों को फंसाने के बाद उनसे वसूली करते हैं। विदेश भेजने के नाम पर फर्जी वीजा व टिकट भी पकड़ा देते हैं।