संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय में वीरवार को आयोजित समाधान शिविर के दौरान उपायुक्त अपराजिता सख्त रुख में नजर आईं। शिविर सुबह 10 बजे शुरू हुआ और वहां आधा घंटा देरी से पहुंचने वाले नगर परिषद और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों पर उन्होंने नाराजगी जताई और देरी का कारण पूछा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में समाधान शिविर में समय पर सभी अफसरों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने जन शिकायतों के निवारण में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए निर्धारित समय सीमा में उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। शिविर में आई करीब छह शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर एडीसी सुशील कुमार, जिला परिषद के चेयरमैन सुरेश राविश, डीएमसी कपिल शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
भविष्य में देरी पर होगी कार्रवाई : उपायुक्त अपराजिता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में अधिकारी समाधान शिविर में देरी से पहुंचे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिविर में आवारा कुत्तों की समस्या और अवैध अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। निवासियों ने बताया कि क्षेत्र में लावारिस कुत्तों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य कर रहा है और इसे जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
ये भी आई समस्याएं
n सुंदरान मोहल्ला निवासी सुरेंद्र ने पड़ोसी दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण और छज्जे निकालने की शिकायत दर्ज कराई, जिससे रास्ता बाधित हो रहा है। इस पर उपायुक्त ने डीएमसी कपिल कुमार को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
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वार्ड-22 की निवासी दर्शना देवी ने बताया कि वर्ष 2005 से मिल रही विधवा पेंशन किसी कारणवश बंद हो गई है। उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि मामले का संज्ञान लेकर नियम अनुसार पेंशन बहाल करवाई जाए।