घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाते स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्य।
राजौंद। राष्ट्रीय पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान के तहत जून माह में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों ने पूरे क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया और सुनिश्चित किया कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए। अभियान के दूसरे दिन सुबह से ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में पहुंच गई थी। टीमों ने घर-घर जाकर बच्चों की पहचान की और उन्हें दो बूंद जिंदगी की पिलाई। एसएमओ डॉ. संदीप ने बताया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए इस तरह के अभियान बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि पोलियो वायरस बच्चों के लिए खतरनाक होता है, जो उन्हें जीवनभर के लिए अपंग बना सकता है, इसलिए समय-समय पर दी जाने वाली यह दवा पूरी तरह सुरक्षित और आवश्यक है।
घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाते स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्य।