निशीकांत शर्मा
कलायत। कलायत नगर पालिका नए वर्ष में शहर के विकास कार्यों के लिए फिलहाल टेंडर नहीं लगा पाएगी। नगर पालिका के पास उपलब्ध बजट की कमी के कारण पहले चल रहे कार्यों को पूरा करने पर ही ध्यान केंद्रित करना पड़ रहा है। ऐसे में फिलहाल नए विकास कार्यों के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ेगा।
नगर पालिका की वित्तीय अनुमोदन समिति के सदस्य प्रदीप राणा और अमित वाल्मीकि ने नगर पालिका की एकाउंट ब्रांच से प्राप्त विवरण के अनुसार बताया कि वर्तमान में नगरपालिका के पास अनटाइड ग्रांट के रूप में कुल 3 करोड़ 93 लाख 40 हजार रुपये उपलब्ध हैं। इसमें नगरपालिका निधि में 1 करोड़ 77 लाख 8 हजार और राज्य वित्तीय आयोग के तहत 2 करोड़ 16 लाख 32 हजार रुपये शामिल हैं।
हालांकि, नगर पालिका के तहत अनुमानित 4 करोड़ 47 लाख 51 हजार रुपये की राशि से विभिन्न विकास कार्य जारी हैं। इसका अर्थ है कि नगर पालिका के पास जारी कार्यों के लिए आवश्यक बजट से 54 लाख 11 हजार रुपये कम हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 70 लाख रुपये अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन और संचालन खर्चों पर खर्च होने हैं।
वित्तीय अनुमोदन समिति के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए नगर पालिका को करीब 1 करोड़ 24 लाख रुपये अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है। बजट उपलब्ध न होने पर नए विकास कार्यों के लिए टेंडर नहीं लग सकते।
दीन दयाल उपाध्याय बस्ती योजना के टेंडरों पर भी नजर ः कलायत शहर के सामान्य वार्डों में जारी विकास कार्यों के लिए बजट की आवश्यकता है, वहीं अनुसूचित वार्डों में दीन दयाल उपाध्याय बस्ती योजना के तहत 2 करोड़ 49 लाख 92 हजार रुपये उपलब्ध हैं। इस योजना के अंतर्गत 1 करोड़ रुपये से वार्ड-1 में गुरु रविदास सामुदायिक भवन, 35 लाख से डॉ. भीम राव आंबेडकर पुस्तकालय और 95 लाख से महर्षि वाल्मीकि आश्रम परिसर में सभागार निर्माण जैसे विकास कार्य किए जाने हैं। हालांकि, अन्य विकास कार्यों के लिए अनुसूचित वार्डों को भी बजट का इंतजार है। संवाद
वित्तीय अनुमोदन समिति द्वारा मांगे गए विवरण सचिव के निर्देश अनुसार उपलब्ध करवा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नए विकास कार्यों, कर्मचारियों के वेतन और अन्य व्यवस्थाओं के संचालन के लिए फिलहाल नगर पालिका को बजट की आवश्यकता है। शासन-प्रशासन इस दिशा में बेहतर और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सजग है।
-सचिन गिल, नगर पालिका लेखाकार