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Kaithal News: प्रति कुत्ता 1635 रुपये देगी नगर परिषद, 5000 की होगी नसबंदी

Wed, 11 Feb 2026 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर की सड़कों और गलियों में आतंक का पर्याय बन चुके बेसहारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने ठोस कदम उठाए हैं। आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और उनके रखरखाव के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जखौली अड्डा और चीका रोड पर डॉग शेल्टर होम तैयार किए गए हैं, जहां पकड़े गए कुत्तों को रखा जाएगा।

नगर परिषद ने इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक निजी एजेंसी से करार किया है। एजेंसी को एक कुत्ते को पकड़ने, उसकी नसबंदी कराने, टीकाकरण करने और शेल्टर होम में रखने के एवज में प्रति कुत्ता 1635 रुपये का भुगतान किया जाएगा। इस राशि में कुत्तों को पकड़ने से लेकर उनकी देखभाल और वैक्सीनेशन तक का खर्च शामिल है। प्रशासन का मानना है कि इस योजना से भविष्य में शहर को बेसहारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से राहत मिलेगी।
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बेसहारा कुत्तों का जमावड़ा ः नगर परिषद द्वारा हाल ही में कराए गए सर्वे में सामने आया है कि कैथल शहर में आवारा कुत्तों की संख्या करीब 5000 तक पहुंच चुकी है। ये कुत्ते झुंड बनाकर सड़कों पर घूमते हैं और राहगीरों, खासकर दुपहिया वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। शहर के मुख्य चौराहों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक, हर क्षेत्र में बेसहारा कुत्तों का जमावड़ा देखा जा सकता है।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नागरिक अस्पताल के ओपीडी आंकड़ों से लगाया जा सकता है। अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार, रोजाना औसतन 15 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं, जबकि प्रतिमाह यह आंकड़ा करीब 500 तक पहुंच जाता है। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। कई मामलों में कुत्तों के हमले इतने हिंसक होते हैं कि पीड़ितों को गंभीर चोटें भी आती हैं। लंबे समय से स्थानीय लोग इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे।

जिला नगर आयुक्त कपिल शर्मा ने बताया कि इस अभियान से न केवल बेसहारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित होगी, बल्कि शहर की स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।


चिह्नित हॉट स्पॉट पर इस तरह चलेगा अभियान

योजना के तहत शहर के चिह्नित हॉट स्पॉट इलाकों से बेसहारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में ले जाया जाएगा। वहां पशु चिकित्सकों की निगरानी में उनकी नसबंदी की जाएगी, ताकि उनकी संख्या पर नियंत्रण पाया जा सके। साथ ही रेबीज सहित अन्य आवश्यक टीके भी लगाए जाएंगे। नसबंदी और रिकवरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार कुत्तों को उनके मूल स्थान पर छोड़ा जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इस प्रक्रिया से कुत्तों की अक्रामकता में भी कमी आएगी।
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जखौली अड्डा और चीका स्थित शेल्टर होम पूरी तरह तैयार हैं। एजेंसी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कुत्तों को पकड़ते समय पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के सभी नियमों का पालन किया जाए। -कपिल शर्मा, जिला नगर आयुक्त
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