संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सिरसा में एक वकील के खिलाफ पुलिस की ओर से झूठा मुकदमा दर्ज करने के विरोध में शुक्रवार को कैथल की सभी अदालतों में कामकाज बंद रहा। ऐसे में जिला बार एसोसिएशन से जुड़े हुए सभी वकीलों ने कोर्ट में कोई भी काम नहीं किया। नतीजा, वादकारियों को तारीखें लेकर वापस लौटना पड़ा।
जिला बार एसोसिएशन संदीप शर्मा के नेतृत्व में बैठक कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस की ज्यादती आम लोगों पर और वकीलों पर लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा िक पुलिस बिना देखे, सोचे समझे और बिना जांच किए किसी के खिलाफ भी झूठी एफआईआर दर्ज कर देती है। इस प्रकार की घटनाएं पहले भी कई बार हुई हैं।
उन्होंने कहा कि सिरसा के वकील अमित सिहाग के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करना पुलिस की ज्यादती है। वे इस प्रकार की घटना का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को कोई भी वकील किसी भी अदालत में पेश नहीं हुआ। हर अदालत के बाहर एक प्रॉक्सी काउंसिल खड़ा किया गया, जिसने केसों में आगे की तारीख ली। कहा कि यदि जल्द ही इस मामले में झूठा मुकदमा रद्द नहीं किया गया तो वकीलों को कोई आगामी बड़ा कदम उठाना पड़ेगा। पुलिस की ज्यादती ठीक नहीं है।
जिन्हें जानकारी नहीं थी, वे वादकारी हुए परेशान
वकीलों ने कामकाज न करने की सूचना पहले ही दे दी थी लेकिन बावजूद इसके कई वादकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी। ऐसे में जिन लोगों की मामलों शुक्रवार को केस की तारीख थी, या जिन लोगों को वकीलों की हड़ताल की जानकारी नहीं थी, ऐसे में वे परेशान हुए। जिनकी तारीख थी वे अगली तारीख लेकर लौट गए। वकील रोजाना की तरह आए जरूर, लेकिन अपने-अपने चैंबरों या फिर इधर-उधर अपने साथियों के साथ बैठे नजर आए और फिर घर लौट गए।