कैथल। प्यार अगर सच्चा हो और इरादे मजबूत हों, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है जलंधर की मुस्कान शर्मा और सीवन के जसकीरत मान ने। दोनों ने न सिर्फ अपने प्यार को मुकाम तक पहुंचाया, बल्कि समाज के सामने एक सकारात्मक और भरोसेमंद उदाहरण भी रखा है।
मुस्कान और जसकीरत की प्रेम कहानी की शुरुआत पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान हुई। पढ़ाई के साथ-साथ शुरू हुई यह जान-पहचान धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर गहरे विश्वास व समझ के रिश्ते में तब्दील हो गई। आज यह कहानी शादी के पवित्र बंधन में बंधकर सीवन क्षेत्र में नई जिंदगी की शुरुआत कर चुकी है।
दोनों ही उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। क्लास, लाइब्रेरी और कैंपस की सामान्य मुलाकातों से शुरू हुई बातचीत ने धीरे-धीरे भावनात्मक जुड़ाव का रूप ले लिया। दोनों एक-दूसरे के विचारों, सपनों और जीवन को देखने के नजरिये से प्रभावित होने लगे। उनका कहना है कि वे पढ़ाई को हमेशा प्राथमिकता देते रहे, लेकिन एक-दूसरे का साथ उन्हें मानसिक रूप से और अधिक मजबूत बनाता रहा। दोस्ती के इस रिश्ते की नींव विश्वास, सम्मान और समझदारी पर रखी गई। खुली और ईमानदार बातचीत उनके रिश्ते को लगातार मजबूत करती चली गई।
दिलचस्प किस्सा ः जब जसकीरत ने मुस्कान के मोबाइल फोन में लगे वॉलपेपर पर अपनी तस्वीर देखी। इस पर पूछने पर मुस्कान ने बिना झिझक अपने प्यार का इजहार कर दिया। यही वह पल था, जब दोनों ने अपने रिश्ते को गंभीरता से आगे बढ़ाने का फैसला किया।
शादी के बंधन में बंधकर बने मिसाल ः मुस्कान और जसकीरत की शादी केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों की सहमति, समझ और विश्वास का प्रतीक बनकर सामने आई है। आज उनकी शादी को दो वर्ष पूरे हो चुके हैं और दोनों परिवार के साथ घुल-मिलकर खुशी से जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
दंपती का कहना है कि प्यार में धैर्य, ईमानदारी और सम्मान सबसे जरूरी होता है। बिना जल्दबाजी और छुपाव के अगर रिश्ते को सही दिशा दी जाए, तो परिवार की सहमति भी मिल सकती है।
परिवार को बताया सच
आज के समय में जहां कई प्रेम कहानियां सामाजिक दबाव में दम तोड़ देती हैं, वहीं मुस्कान और जसकीरत ने साहस दिखाते हुए अपने रिश्ते की सच्चाई परिवार के सामने रखी। शुरुआत में दोनों परिवारों को कुछ आशंकाएं जरूर थीं, लेकिन बच्चों की समझदारी, धैर्य और सम्मानपूर्ण व्यवहार ने हालात को बदल दिया। मुस्कान और जसकीरत ने अपने माता-पिता को यह भरोसा दिलाया कि वे पढ़ाई, करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह गंभीर हैं। बच्चों की भावनाओं और भविष्य को ध्यान में रखते हुए अंततः दोनों परिवार इस रिश्ते के लिए सहमत हो गए। इसके बाद पूरे रीति-रिवाजों के साथ दोनों का विवाह संपन्न हुआ। संवाद