संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। चीका क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल की छात्राओं ने जिला उपायुक्त को भेजी गई गुमनाम चिट्ठी से प्रधानाचार्य पर अश्लील हरकत करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने इसकी जांच जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी है। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है।
गुमनाम पत्र में उल्लेख है कि हाल ही में स्कूल में आयोजित कानूनी जागरूकता शिविर में छात्राओं को बताया गया था कि इस तरह की घटनाओं की शिकायत जिला उपायुक्त, महिला आयोग, शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री को की जा सकती है। इसके बाद ही छात्राओं ने यह शिकायत भेजी।
गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पहले भी इसी क्षेत्र के एक सरकारी कॉलेज में छात्राओं ने गुमनाम पत्र भेजकर एक प्राध्यापक पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्राध्यापक को निलंबित कर जेल भेजा गया था, हालांकि बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी। अब एक बार फिर इसी तरह की घटना सामने आई है।
मामले की जानकारी सामने आते ही क्षेत्र की सामाजिक संस्थाओं ने नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि प्रधानाचार्य को तुरंत स्कूल से न हटाया गया तो वे स्कूल में तालाबंदी और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने कहा कि मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट बनाकर जिला उपायुक्त को सौंपेगी। वहीं प्रधानाचार्य ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लगाए गए सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। मेरा इस तरह के किसी भी मामले से कोई संबंध नहीं है।
कई घंटे तक कार्यालय में बैठाने की भी शिकायत
छात्रा ने उपायुक्त कार्यालय को भेजी गई चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि प्रधानाचार्य अपने कार्यालय में शिक्षिकाओं के साथ घंटों तक बैठकर बातचीत करते हैं, जिससे छात्राएं मानसिक रूप से परेशान हैं। पत्र में कहा गया है कि छात्राओं के बीच प्रधानाचार्य और शिक्षिकाओं के बीच अनुचित संबंधों की चर्चा होती है, जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा एक छात्रा ने प्रधानाचार्य पर अश्लील हरकत करने का भी आरोप लगाया है।