ढांड। बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा, जो ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर एसोसिएशन से संबद्ध है, की ऑनलाइन बैठक गूगल मीट के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य प्रधान इन्द्र सिंह मलिक ने की, जबकि संचालन राज्य सचिव मेहर सिंह बांगड़ ने किया। जिला संयोजक राजकुमार सारसा ने बताया कि बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा किसानों और कृषि उपभोक्ताओं के लिए अलग एग्री डिस्कॉम बनाने, गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण व्यवस्था निजी कंपनी को सौंपने के लिए समानांतर लाइसेंस संबंधी आवेदन, स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली तथा बिजली निजीकरण की दिशा में उठाए गए कदमों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंच सरकार के इन निर्णयों का पुरजोर विरोध करेगा। इसके तहत 6 और 7 अगस्त को जिला उपायुक्तों एवं बिजली अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। उन्होंने बताया कि बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा, बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा घोषित 11 से 13 अगस्त की हड़ताल का समर्थन करते हुए उसमें सक्रिय भागीदारी करेगा। उन्होंने कहा कि बिजली आम जनता की मूलभूत आवश्यकता है और इसे निजी कंपनियों के मुनाफे का साधन नहीं बनाया जा सकता। उनका आरोप है कि निजी कंपनियों का उद्देश्य केवल लाभ कमाना है, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।