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Kaithal News: श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन पावन प्रसंगों से भक्तिमय हुआ दुर्गा मंदिर

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राजौंद के दुर्गा मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा का श्रवण करतेव श्रद्धालु।
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राजौंद। नगर के दुर्गा मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान की महिमा का श्रवण किया। कथा व्यास अरविंद शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न पावन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
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कथा के तीसरे दिन मुख्य रूप से कपिलेश्वर अवतार, कपिल-देवहूति संवाद, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र और विदुर चरित्र जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया गया। कथा में असंध विधानसभा से विधायक योगेंद्र राणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
विधायक योगेंद्र राणा ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक वातावरण बनाने के साथ-साथ लोगों को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत जैसे धार्मिक ग्रंथ हमें सत्य, धर्म, सेवा, सदाचार और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। अरविंद शास्त्री ने कपिलेश्वर अवतार की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान के अवतार का उद्देश्य जीवों का कल्याण करना और मनुष्य को सत्य एवं धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ाना है। कपिल-देवहूति संवाद के माध्यम से उन्होंने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सांसारिक मोह-माया में उलझने के बजाय भगवान की भक्ति, सत्कर्म और सदाचार को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए। इसके बाद सती चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। भगवान शिव और माता सती से जुड़े इस प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रद्धा, समर्पण और मर्यादा का संदेश दिया गया। वहीं ध्रुव चरित्र सुनाते हुए अरविंद शास्त्री ने बताया कि बालक ध्रुव ने छोटी आयु में ही भगवान की प्राप्ति का दृढ़ संकल्प लिया और कठिन तपस्या के बल पर भगवान नारायण को प्रसन्न किया।
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ध्रुव की कथा मनुष्य को दृढ़ निश्चय, मेहनत और अटूट भक्ति की प्रेरणा देती है। कथा के दौरान विदुर चरित्र का भी विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। अरविंद शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल धार्मिक कथा नहीं बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक ग्रंथ है। इसके प्रत्येक प्रसंग में जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा छिपी हुई है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कथा के दौरान वातावरण भगवान के जयकारों और भक्ति भाव से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से कथा का श्रवण किया और धार्मिक आयोजन में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। इस दौरान रविंद्र धीमान ने भी शिरकत की। इस दौरान दुर्गा मंदिर सेवा दल उदय वीर राणा, सुरेश मित्तल, सुखदेव शर्मा, सतपाल भगत, नरेंद्र शर्मा, अशोक राणा, जगदीश, जगदीश शर्मा, देवेंद्र भनोट, निरजन शर्मा, रमेश, जयदेव कौशल, उमेश, राजेश, सोनू, रामपाल कौशल सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे ।

राजौंद के दुर्गा मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा का श्रवण करतेव श्रद्धालु।

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