कलायत। प्रशासन की ओर से 30 जून तक बाढ़ प्रबंध पूरे करने के जारी निर्देश के बाद भी कलायत में विभिन्न स्थानों पर यह कार्य अधर में लटका है। उप मंडल मुख्यालय भवन के पास ही इसकी पोल खुल रही है। निकासी की राहें बंद होने के कारण उप मंडल भवन की दीवारोंं की नीवों मेंं बरसात का पानी घुस रहा है।
एसडीएम सत्यवान सिंह मान कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने को कह चुके हैं, लेकिन ठप पानी निकासी के मार्ग को खोलने से संबंधित विभाग दूरी बना रहे हैं। इससे जल भराव का बड़ा संकट कलायत में खड़ा हो सकता है।
उप मंडल मुख्यालय मुख्य द्वार के पास ही मामूली बरसात में पानी जमा हो जाता है। इसके चलते नेशनल हाई-वे बाईपास और उप मंडल मुख्यालय के बीच बीच के प्रवेश मार्ग का बड़ा हिस्सा जल भराव के कारण धंस गया है। अधिकारी मिट्टी कटाव को रोकने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाने में लगे हैं। बरसात के दिनों में इस व्यवस्था के ज्यादा देर ठहरने की उम्मीद नहीं है।
यह थी प्रशासन की योजना : जिला उपायुक्त ने 30 जून तक बाढ़ प्रबंध पूरे करने के निर्देश दिए थे लेकिन कलायत में जहां किसान सिंचाई संसाधनों की समुचित सफाई न करने के आरोप लगा रहे हैं वहीं उप मंडल मुख्यालय के पास साइफन बंद पड़े हैं। इस तरह अलग-अलग स्थानों पर पानी निकासी को मजबूत करने की जरूरत है।
उप मंडल मुख्यालय भवन मुख्य द्वार के पास जमा होने वाले पानी का मामला संज्ञान में है। संबंधित अधिकारियों को शासन-प्रशासन द्वारा पानी निकासी को लेकर तय रूप रेखा अनुसार कार्य पूरा करने के निर्देश हैं। इस मामले में लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
-सत्यवान मान, कलायत एसडीएम
नहरी पानी की समस्या पर डीसी से की मुलाकात
ंकैथल। नहरी पानी की समस्या को लेकर कैलरम व अन्य पड़ोसी गांवों के ग्रामीणों ने सोमवार को लघु सचिवालय में डीसी प्रशांत पंवार से मुलाकात की। किसानों ने सचिवालय में पहुंचकर नारेबाजी भी की और अपनी समस्या भी बताई। डीसी से मिलने के बाद भी किसान असंतुष्ट दिखे। किसानों ने कहा कि डीसी ने सिर्फ कार्रवाई करने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया। किसानों ने कहा कि वे एसई से मिलकर समस्या का हल करवाकर ही जाएंगे, इसके लिए चाहे कितने भी दिन लग जाए। किसान राममेहर, सुनील, सूरज और सुखदीप ने बताया कि अबकी बारिश न होने से धान की फसल काफी प्रभावित हुई है। संवाद