संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। रेलवे रोड को पालिका बाजार से जोड़ने वाले मार्ग पर दो सप्ताह पहले बनाई गई पुलिया टूटने के कगार पर पहुंच गई। पुलिया में प्रयोग की गई निर्माण सामग्री बिखर गई और सरिया निकल कर बाहर आ गया है। इस पर लोगों ने नाराजगी जताई।
चेतन मित्तल, मुकेश कुमार, राजेंद्र चौहान, शंभु गर्ग व कैलाश गुप्ता ने बताया कि करीब साढ़े तीन मास पूर्व चुनावों से पहले इस पुलिया को दोबारा बनाने के लिए गिराया गया था। पुलिया को गिराने के बाद नगरपालिका ने इसकी साढ़े तीन माह तक संभाल ही नहीं की। यह पुलिया रेलवे रोड को पालिका बाजार, वाल्मीकि चौपाल व प्रजापति चौपाल को जोड़ती है। इस मार्ग पर दो पहिया व चारपहिया वाहनों के साथ साथ पैदल आने वालों की काफी तादाद है।
पुलिया टूटने से संपर्क कट गया और लोगों को बहुत लंबा चक्कर लगा कर कपिल मुनि रोड से आना पड़ रहा था। रास्ता न होने के कारण से दुकानदारों को भी भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा था। उमेश खुराना, राजेंद्र आदि दुकानदारों ने कहा कि उनकी दुकान तक पहुंचने का मार्ग ही बाधित रहा, जिसके कारण से ग्राहक दुकानों पर पहुंचते ही नहीं थे।
इसी तरह से दोनों धर्मशालाओं में होने वाले आयोजनों में लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। टूटी पुलिया काफी गहरी है और इसमें गिर कर कई लोग चोटिल भी हुए। चेतन मित्तल ने बताया कि अनेकों लोगों को दुकानदारों ने पुलिया विहीन गहरे नाले से निकाल कर उनकी मरहम पट्टी भी करवाई।
नगर पालिका में बार-बार शिकायतें करने के बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। दुकानदारों ने जब टूटी पुलिया के कारण बाधित मार्ग को लेकर धरने प्रदर्शन की चेतावनी दी तब जाकर इस नाले पर पुलिया का निर्माण करवाया गया। अब जब पुलिया बना दी गई तो उसके निर्माण में जो अनियमितता बरती गई वह खुल कर दो सप्ताह में ही सामने आ गई।
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि नाले के चलते पानी में ही सूखी ईंटें डाल कर उस पर कंकरीट व सरिया डाल दिया गया इसके कारण से पुलिया दो सप्ताह से पहले ही ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच गई।
नगरपालिका के कनिष्ठ अभियंता संजीव धीमान ने बताया कि पुलिया का निर्माण पूरे मानदंडों के हिसाब से किया गया। मानदंड के हिसाब से कोई भी कंकरीट 28 दिन से पूर्व सूखता नहीं है। इस पुुलिया के बनते ही भारी वाहन भी निकलना शुरू हो गए जिससे पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। अब इस पुलिया को दोबारा से बनाया जाएगा।