कैथल। डॉ. अमन इंंद्र सिंह की अदालत ने जनकपुरी कॉलोनी निवासी दुर्गा की याचिका पर शिक्षा बोर्ड को 10वीं के शैक्षणिक प्रमाण पत्र में लिखे गए पिता का नाम सही करने के आदेश जारी किए हैं।
दुर्गा ने इससे पहले पिछले वर्ष परीक्षा प्रमाण पत्र में नाम में सुधार के लिए प्राधिकारी/प्रतिवादियों से संपर्क किया, लेकिन बोर्ड ने इसे सुधारने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने अदालत में याचिका दायर की थी।
जनकपुरी कॉलोनी निवासी दुर्गा ने अदालत में लगाई गई याचिका में बताया था कि उसने मई 2024 में सीबीएसई बोर्ड से परीक्षा उत्तीर्ण की। परीक्षा प्रमाण पत्र में पिता का नाम गलती से मनमोहन लिखा गया है। जबकि पिता का सही नाम मनमोहन सिंह है। प्रमाण पत्र में ये त्रुटि केवल प्रतिवादियों की ओर से लिपिकीय त्रुटि के कारण हई है।
पहले तो बोर्ड ने अदालत में हवाला दिया कि बोर्ड पंजीकरण के समय अभ्यर्थी के संबंधित विद्यालय से आवश्यक विवरण लेते हैं और उसके आधार पर अभ्यर्थियों की एक सूची तैयार की जाती है। अदालत ने सबूतों के आधार फैसला सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के पिता का नाम मनमोहन सिंह है। बोर्ड के विरुद्ध अनिवार्य निषेधाज्ञा का आदेश पारित किया जाता है। संवाद