कैथल। गेहूं कटाई और सूखा चारा बनाने का अभी काम खत्म भी नहीं हुआ। इससे पहले ही रविवार को मौसम परिवर्तन से किसानों की चिंता बढ़ गई। सुबह से लेकर शाम तक आसमान में काले बादल छाए रहे। लोगों को गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन किसानों को गेहूं की चिंता सताने लगी है। क्योंकि इस बार गेहूं के सीजन में किसान पहले ही मौसम की मार झेल चुके हैं, ऐसे में अब गेहूं का कटाई का सीजन लगभग पूरा हो चुका है। वहीं मंडियों में गेहूं पड़ी है और खेतों में तूड़ी बनाने का कार्य जोरों पर है। अगर इस समय वर्षा होती है तो किसानों का तूड़ी बनाने का कार्य प्रभावित होगा। जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया ।
मौसम के बदले रुख को देखते हुए किसानों ने अपना काम समेटने की गति और तेज कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि वर्षा होने से उनकी मंडियों में पड़ी गेहूं की फसल खराब हो सकती है। दूसरी ओर जिलेभर की मंडियां गेहूं से अटी पड़ी हैं। किसानों को गेहूं की फसलों को खुले में डालना पड़ रहा है। पिछले सप्ताह हुई बरसात से गेहूं में नमी की मात्रा बढ़ गई थी, जिस कारण अभी तक भी खरीद पूरी नहीं हुई। इससे किसानों को गेहूं सूखने का इंतजार करना पड़ रहा है। किसान प्रदीप चहल, साहिल चहल नरड़, कृष्ण, महाबीर, सतपाल ने कहा कि इस समय बरसात होना किसानों के लिए काफी नुकसानदायक है। मार्च महीने में वर्षा होने से किसानों को पहले ही काफी नुकसान हुआ है। अब गेहूं कटाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब तूड़ी बनाने का कार्य जोरों पर है, अगर बरसात होती है तो एक सप्ताह तक काम प्रभावित होगा।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जसबीर सिंह ने कहा कि खेतों में गेहूं कटाई का सीजन लगभग खत्म हो गया है। किसान चारा समेटने में लगे हुए हैं। वर्षा होने से किसानों के लिए समस्या हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिन मौसम में बदलाव रहेगा। वर्षा की भी संभावना है।