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कार्यकारी चेयरमैन से सफाई कर्मियों ने की धक्का-मुक्की

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0-कैथल। सिटी थाना में एसएचओ के समक्ष अपनी बात रखते हुए चेयरमैन पवन थरेजा व अन्य पार्षद। - फोटो : Kaithal
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नगर परिषद में रविवार को कार्यकारी चेयरमैन द्वारा आहूत पार्षदों की बैठक परिषद भवन पर ताला लगा होने और कर्मचारियों के विरोध के कारण नहीं हो पाई। कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा और उनके साथ पहुंचे करीब 14 पार्षदों और प्रतिनिधियों के लिए परिषद भवन के ताले नहीं खुले। बता दें सोमवार को पार्षदों के कार्यकाल का अंतिम दिन है। डोर-टू-डोर टेंडर रद्द करने की सिफारिस के प्रस्ताव एजेंडे में होने के कारण सफाई कर्मचारियों ने बैठक का विरोध किया और नारेबाजी की, जिसमें कार्यकारी चेयरमैन के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में थाना शहर प्रभारी के कहने पर सभी पार्षद थाने में पहुंचे। जहां कर्मचारियों के फिर पहुंचने के कारण सभी पार्षदों को एसएचओ ने घर भेज दिया। अधिकारियों द्वारा बैठक न बुलाए जाने पर कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा ने रविवार दोपहर बाद तीन बजे बैठक बुलाई थी, जिसके लिए कोई भी कर्मचारी और अधिकारी नहीं पहुंचा।
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ये रहा घटनाक्रम
कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा रविवार दोपहर बाद 3 बजकर 15 मिनट पर पार्षद गौरव ढुल, महेंद्र थरेजा, संजय भौरिया, मोहन लाल शर्मा, वेदप्रकाश, नरेश नायक, शशि किरण, किरण भान, तृप्ता सचदेवा, सुनीता, रेखा सिंगला, सरदार हरजिंद्र सिंह और विरेंद्र बिल्लू नगर कुल 14 पार्षद परिषद भवन के बाहर पहुंचे। जहां परिषद भवन को ताला लगा होने के कारण गेट के बाहर ही खड़े हो गए। इस दौरान सफाई कर्मचारी पहलवान सुरेंद्र बाल्मीकि, महेंद्र बिडलान, शिवकुमार, अंगूरी देवी, सुशील गागट ऊर्फ पम्मी की अगुवाई में आ पहुंचे और कार्यकारी चेयरमैन से पूछा कि आप डोर-टू-डोर टेंडर रद्द करने की सिफारिश कर रहे हो, जबकि वे शहर में कूड़ा उठान का कार्य सही ढंग से कर रहे हैं। यह टेंडर रद्द हो गया तो उनके रोजगार का क्या होगा?
कर्मचारियों ने इस दौरान कार्यकारी चेयरमैन और पार्षदों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पार्षदों और कार्यकारी चेयरमैन के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में डॉ. पवन थरेजा अपने भतीजे के साथ स्कूटी पर बैठकर मौके से निकल गए। थाना शहर प्रभारी शिव कुमार मौके पर पहुंचे। एसएचओ पार्षदों को लेकर थाना शहर पहुंचे। जहां पार्षदों ने फिर से बैठक करने का प्रयास किया। इस बात की भनक लगते ही कर्मचारी भी थाना शहर पहुंचे। यहां पार्षद मोहन लाल ने मुद्दे उठाने शुरू किए तो एसएचओ शिव कुमार ने कहा कि सोमवार को आप अपने कार्यालय में बैठकर जो मर्जी प्रस्ताव पारित कर लेना। अभी आप सभी घर चले जाएं। उन्होंने कर्मचारियों और पार्षदों को अपने-अपने घर भेज दिया। परिषद भवन के बाहर 14 पार्षद पहुंचे थे, जबकि बाद में थाना शहर और परिषद भवन में बैठक की मंशा से पहुंचे कुल पार्षदों और कुछ पार्षद प्रतिनिधियों की संख्या 15 पहुंच गई थी।
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कर्मचारी नेता सुरेंद्र पहलवान ने कहा कि भ्रष्टाचार की मंशा में कुछ पार्षद डोर-टू-डोर का टेंडर रद्द करना चाहते हैं। जिससे कर्मचारियों की रोजी रोटी छिन जाएगी। पांच साल से ये पार्षद कहां थे, जो आज अंतिम दिन छुट्टी के दिन बैठक कर रहे हैं। छुट्टी के दिन बिना अधिकारियों के बैठक करना कहीं न कहीं गलत मंशा को दर्शाता है।
बिना अधिकारियों के होनी थी बैठक, विरोध के कारण नहीं हो पाई
कार्यकारी चेयरमैन द्वारा रविवार की बैठक बुलाई गई थी, जिसके लिए अधिकारी शुरू से ही तैयार नहीं थे। रविवार को भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। यहां तक कि परिषद भवन के गेट का ताला तक खोलने वाला कोई नहीं मिला। जिस कारण पार्षदों को बाहर सड़क पर खड़े होकर ही रोष जताना पड़ा, लेकिन कर्मचारियों के विरोध के कारण वे रोष भी पूरी तरह से नहीं जता पाए।
डोर-टू-डोर का टेंडर ही था बैठक का मुख्य एजेंडा
बैठक का मुख्य एजेंडा डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का टेंडर ही था। पार्षदों ने बैठक बुलाने के लिए जो नोटिस दिया था, उसमें डोर-टू-डोर के टेंडर पर विचार विमर्श करने की बात कही थी, लेकिन चेयरमैन द्वारा जो पत्र जारी किया गया है, उसमें डोर-टू-डोर के टेंडर को सीधा रद्द करने की बात कही गई है। यह वही ठेकेदार हैं, जिसने चेयरमैन के खिलाफ शिकायत दी थी। इस पूरे मुद्दे को कहीं न कहीं उपरोक्त घटनाक्रम से जो भी जोड़कर देखा जा रहा है। सफाई कर्मचारी खुलकर डोर-टू-डोर के ठेकेदार के समर्थन में खड़े दिखाई दिए और उनके खिलाफ लाए जा रहे प्रस्ताव का डटकर विरोध किया।
ईओ बलबीर सिंह ने कहा कि रविवार को अवकाश के कारण वे छुट्टी पर हैं। उन्हें किसी घटनाक्रम की जानकारी नहीं है।
कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा ने कहा कि सफाई कर्मचारी नगर परिषद की रीढ़ की हड्डी हैं। वे हमारे भाई हैं। उन्हें गुमराह किया गया है। हम उनके हकों की लड़ाई अंतिम समय तक लड़ेंगे।
पार्षदों ने किया बैठक का दावा, डोर-टू-डोर के टेंडर रद्द करने का दावा
नगर परिषद कार्यालय व थाना शहर में विरोध के बावजूद पार्षदों ने बैठक का दावा किया है। इस बारे में पार्षद मोहन लाल शर्मा ने बताया कि नगर परिषद भवन के बाहर और पुलिस थाने में विचार विमर्श कर 17 पार्षदों ने सात प्रस्ताव पारित किए हैं। पार्षद ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के सुखद भविष्य को देखते हुए दो माह का समय दिया गया था कि डोर-टू-डोर के तहत एनजीटी की गाइडलाइन अनुसार कार्य हो, लेकिन यह नहीं हो पाया। इन प्रस्तावों को पार्षद गौरव ढुल, महेंद्र थरेजा, संजय भौरिया, मोहन लाल शर्मा, वेदप्रकाश, नरेश नायक, शशि किरण, किरण भान, तृप्ता सचदेवा, सुनीता, रेखा सिंगला, सरदार हरजिंद्र सिंह और विरेंद्र बिल्लू, प्रवीण काला, बबिता मित्तल, सीमा कश्यप के समर्थन से पारित किया गया।
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इन प्रस्तावों के पारित करने का दावा किया
1. एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार काम न होने के कारण डोर-टू-डोर के टेंडर रद्द करने की सिफारिश का प्रस्ताव पारित किया गया।
2. एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार काम न होने के कारण पिछले साल की तर्ज पर 15 लाख के बिल पारित हों, शेष राशि की एजेंसी से रिकवरी करवाई जाए।
3. शहर में स्ट्रीट लाइटों की खराब व्यवस्था को देखते हुए प्रत्येक वार्ड में 10-10 लाख रुपये की अनुमति प्रदान की गई।
5. शहर के विकास के लिए हर वार्ड में 35 लाख रुपये के विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव पारित किया गया।
6. सीएम की दस करोड़ की ग्रांट पर अधिकारियों से विचार विमर्श के लिए रखा।
7. जो अधिकारी आदेशों के बाद भी बैठक में नहीं आए, उनके खिलाफ उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
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