संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। 51 इंजीनियरिंग रेजीमेंट के जांबाज सैनिक कलायत निवासी पंकज राणा के देहांत के बाद प्राचीन कपिल मुनि सरोवर तट पर स्थित श्मशान भूमि में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। 20 अगस्त को कैथल में सड़क हादसे के बाद से ही पंकज अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे।
एसडीएम अजय हुड्डा ने डीसी कैथल की तरफ से दी सैनिक के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि। जवान को अंतिम विदाई देने के लिए जन सैलाब उमड़ा। विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों के साथ-साथ 36 बिरादरी के लोग अंतिम पड़ाव पर मौजूद रहे।
सैनिक पंकज राणा के बड़े भाई रवि राणा को देश की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा भेंट किया गया। पिता के अंतिम दर्शन के लिए डेढ़ साल के बेटे आर्यन भी नम आंखों के साथ संस्कार की परंपरा के दौरान मौजूद रहे।
पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान जगजीत सिंह ने बताया कि पांच साल के नायक पंकज भारतीय सेना की 51 इंजीनियरिंग रेजीमेंट श्रीनगर के द्रास सेक्टर में तैनात थे। वे 10 अगस्त को छुट्टी पर घर आए हुए थे।
उन्होंने बताया कि बीती 20 अगस्त को वे बाइक चला रहे थे और सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। चंडीगढ़ में चंडी मंदिर स्थित कमांड अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन 9 सितंबर को उनका इलाज के दौरान निधन हो गया। कलायत के वार्ड 7 निवासी पंकज राणा पुत्र श्री शमशेर सिंह अपने पीछे
उनकी पत्नी व उनके डेढ़ साल के बेटे को छोड़ गए।
इस मौके पर तहसीलदार, पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान जगजीत सिंह व तमाम रिटायर्ड अधिकारी कर्मचारियों, सेना के अधिकारी, सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने अंतिम यात्रा में पहुंचकर श्रद्धाजंलि दी।