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किसानों का उद्देश्य अपने हकों की लड़ाई लड़ना है : टिकैत

Sat, 21 Sep 2024 07:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। भाकियू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. घासी राम नैन की सातवीं पुण्यतिथि मनाने के लिए देश भर से किसान नेता कलायत में पहुंचे। इस मौके पर किसान नेताओं ने दिवंगत किसान नेता को पुष्पांजलि अर्पित की। उत्तर भारत से जुटी किसानों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने भाजपा को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि किसानों का उद्देश्य केवल सरकार बदलना नहीं बल्कि अपने हकों की लड़ाई लड़ना है। जो सरकार किसान को उसके हक देगी, उसका समर्थन होगा।

उन्होंने कहा कि किसानों के दो आंदोलन हैं एक सड़क का दूसरा राजनीति का। अपनी मांगों को लेकर किसानों ने 380 दिन का आंदोलन सड़क पर लड़ा। गर्मी, सर्दी, बरसात, धुंध हर तरह की आफतें सहीं और अपनी मांगों को मनवा कर ही हटे। जिन मांगों को भाजपा ने पूरी करने का वादा किया था वह उन पर आज तक पूरी नहीं उतरी। अब मजबूरन किसान को राजनीति का आंदोलन करना होगा। जो सरकार किसान की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसके साथ अन्याय कर रही है उसे अब राजनीतिक तौर पर पटकनी देनी है और उसके लिए मूल मंत्र है पलटा और बदला।
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उन्होंने कहा कि इस चुनाव में संयुक्त किसान मोर्चे का निर्णय है कि हरियाणा से भाजपा को निकाला जाए। उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं समझना चाहिए कि बदलाव के बाद आने वाली सरकार किसानों की समस्याओं का निराकरण करेगी। विपक्ष इस भ्रम में भी न रहे कि इसके बाद किसान आंदोलन नहीं करेगा। किसानों का उद्देश्य केवल सरकार बदलना नहीं बल्कि अपने हकों की लड़ाई लड़ना है। जो सरकार किसान को उसके हक देगी उसका समर्थन होगा।

संयुक्त किसान मोर्चा कोर कमेटी के सदस्य और मध्यप्रदेश से आए डॉ. सुनील ने कहा कि यह कारपोरेट की सरकार है और किसान को बर्बाद करना चाहती है। किसान की फसल का दिन में भी कोई खरीदार नहीं और उसकी जमीन रात के अंधेरे में बिकती हैं। आरोप लगाते हुए कहा कि साजिश के तहत बीटी बीजों को बाजार में उतार कर जमीनें बंजर की जा रही हैं ताकि किसानों से उसे बेचने पर मजबूर कर दिया जाए। केरल से आए कृष्णा प्रसाद ने कहा कि न केवल उत्तर भारत बल्कि दक्षिण में भी किसान पूरी तरह से बर्बाद हो रहा है। बेंगलुरु में होने वाले किसान सम्मेलन में उत्तर भारत के किसानों का पहुंचना जरूरी है।
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कार्यक्रम में डा.दर्शन पाल ने कहा कि एसकेएम के फैसले के अनुसार 23 को पूरे देश में किसान मजदूर काला दिवस के रूप में मनाएंगे। सभा को रत्न मान, सरदार रूल्दू सिंह मानसा, चंडीगढ़ से कुलदीप कुंडू, मा.बलबीर सिंह, नफे सिंह ईगराह, रवि आजाद, जिया लाल, जोगेंद्र घासी राम नैन ने भी संबोधित किया।
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