जिला नागरिक अस्पताल में बनने वाले 12 बेड के आईसीयू का निर्माण कार्य दो विभागों के फेर में उलझकर रह गया है। इस कारण सामान्य अस्पताल में पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सुविधाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लोनिवि को आईसीयू का निर्माण कार्य अगस्त में पूरा करना था, लेकिन निर्धारित समय के दो माह बाद भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। मामले में विभागीय अधिकारी का दावा है कि लोनिवि की ओर से कार्य पूरा किया जा चुका है। अब शेष कार्य अस्पताल प्रबंधन को कराने हैं, वहीं अस्पताल प्रबंधन ने लोनिवि को इसके लिए जिम्मेदार बताया है।
जिला नागरिक अस्पताल में 12 बेड के आईसीयू निर्माण के लिए करीब 2.62 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आईसीयू दो हजार स्क्वेयर फीट एरिया में दूसरी मंजिल पर बनाया जा रहा है। यह पूरी तरह से वातानुकूलित होगा और इसके लिए अलग से रैंप भी बनाया गया है, ताकि मशीनों को ले जाने के साथ-साथ गंभीर रोगियों को लाने ले जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
आईसीयू को पहले से बने ऑक्सीजन प्लांट के साथ जोड़े जाने की योजना है, ताकि हर बेड पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध हो सके। इसके अलावा आईसीयू में ऑक्सीजन कंसेनट्रेटर, इंफ्यूजन पंप, मल्टीपैरामीटर मॉनीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, लेरिंगोस्कोप समेत एक दर्जन से अधिक उपकरण भी आईसीयू में लगाए जाने हैं। पीडियाट्रिक आईसीयू में हर समय एक चिकित्सक समेत पैरामेडिकल स्टॉफ की 24 घंटे तैनाती रहेगी। जिला नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेनू चावला ने कहा कि आईसीयू का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। लोनिवि की ओर से हैंड ओवर होते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन केएस पठानिया ने कहा कि आईसीयू को अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया गया है, जो कार्य बाकी है वह अस्पताल प्रबंधन का ही है।
अस्पताल में पहले ही बनाया गया है निक्कू वार्ड-
जिला नागरिक अस्पताल में नवजात के लिए पहले से ही निक्कू वार्ड (एसएनसीयू) की सुविधा मौजूद है। डिलीवरी के तुरंत या 28 दिन तक के बच्चे को सामान्य होने तक एसएनसीयू में रखा जाता है। विशेषकर प्री-मैच्योर, कम वजन, पीलिया और इंफेक्शन वाले बच्चों को इसमें रखा जाता है।