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Kaithal News: अब तापमान 40 पर पहुंचा, फसलों में दोपहर को सिंचाई से बचें किसान

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चिलचिलाती धूप से बचने को तौलिए का सहारा... तेज धूप से बचाव के लिए बच्चे के सिर पर तौलिया डाल कर
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कैथल। अब सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं। इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू गया है, जिससे लोग सूरज की तपिश से झुलसने लगे हैं। न केवल दिन, बल्कि रातों में भी अब गर्मी का अहसास होने लगा है क्योंकि न्यूनतम तापमान भी उछाल के साथ 25 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 16 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवाओं ने थोड़ी हलचल पैदा की है, जिससे उमस से आंशिक राहत मिल रही है। मौसम विशेषज्ञ डाॅ. रमेश चंद्र का मानना है कि ये तेज हवाएं जल्द ही लू का रूप ले लेंगी, जो जनजीवन के साथ-साथ कृषि क्षेत्र के लिए भी बड़ी चुनौती हो सकती है। अचानक बढ़ी इस गर्मी और लू का सबसे सीधा और प्रतिकूल प्रभाव फसलों पर पड़ने की आशंका है। बेल वाली सब्जियां और मिर्च-टमाटर की फसलों पर झुलसा रोग और कीटों का हमला बढ़ सकता है। तेज धूप के कारण फूलों के झड़ने की समस्या भी आती है, जिससे फल कम लगते हैं।
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सिंचाई की बढ़ती जरूरत
गर्मी बढ़ने से मिट्टी की नमी तेजी से खत्म होती है। ऐसे में किसानों को फसलों को बचाने के लिए बार-बार सिंचाई करनी होगी, जिससे खेती की लागत बढ़ जाएगी। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय सिंचाई करने से बचें। नमी बनाए रखने के लिए शाम या अलसुबह का समय सबसे उपयुक्त है। साथ ही, लू के प्रकोप को देखते हुए फसलों पर उचित नमी और मल्चिंग का प्रयोग करें ताकि मिट्टी का तापमान स्थिर रहे।
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