संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े पदाधिकारियों ने शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार पर दबाव तेज कर दिया है। संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य महासचिव रामपाल शर्मा, जिला प्रधान रामफल दयोहरा, जिला सचिव अमरनाथ किठानिया आदि ने शिक्षकों की स्थानांतरण नीति को तर्कसंगत बनाने, एसीपी के लंबित लाभ देने, कैशलेस मेडिकल सुविधा को शिक्षकों व अभिभावकों दोनों के लिए आय सीमा के बिना शुरू करने और प्रदेश में 30 हजार से अधिक रिक्त शिक्षकीय पदों पर नियमित भर्ती करने की मांग उठाई।
संघ ने कहा कि वेतन-भत्तों की लड़ाई के साथ-साथ समाज और शिक्षा व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाना उनका कर्तव्य है। उन्होंने सरकार से सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की प्राथमिकता तय करने की मांग की। साथ ही शहरों की बाहरी बस्तियों में आवश्यकता अनुसार नए विद्यालय खोलने, चिराग योजना को तत्काल बंद करने और शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य लेना बंद करने की बात कही।
उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षा पर जीडीपी का 6%, केंद्रीय बजट का 10% और राज्य बजट का कम से कम 30% व्यय होना चाहिए। बच्चों की 2009 से स्थिर पड़ी प्रोत्साहन राशियों व ग्रांटों को चार गुना बढ़ाने, विद्यालयों के सौंदर्यीकरण व मरम्मत अनुदान में वृद्धि करने और अध्यापकों को समान वेतन, भत्ते व सुविधाएं देने की मांग रखी गई।
बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित हुआ कि दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अतिथि, कंप्यूटर, एचकेआरएन, आरोही, केजीबीवी एवं वोकेशनल अध्यापकों को नियमित किया जाए। नियमितीकरण से पहले उन्हें मूल वेतन, महंगाई भत्ता और वार्षिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। प्राथमिक अध्यापकों का वेतनमान 39,900 रुपये से शुरू करने की भी मांग की गई। अध्यापक संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो 7 नवम्बर तक सभी जिलों में जिला स्तरीय प्रदर्शन किए जाएंगे और 8 नवम्बर 2025 को पानीपत में शिक्षा मंत्री के कैंप कार्यालय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शन कर सरकार को शिक्षा, शिक्षक व छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा।
बैठक में शीशपाल शर्मा, विद्यावती, संगीता अहलावत, शमशेर कालिया, सुरेश द्रविड़, कर्मचंद केसर, गुरमीत सिंह, जोगिंद्र सिंह, कृष्ण आर्य, सतपाल पांचाल, राजकुमार कश्यप, जयभगवान चौहान, मस्तराम शास्त्री, वीरेंद्र ढुल और संदीप जालंधरा आदि मौजूद रहे।
पृथक वेतन आयोग गठित करने की भी मांग
संघ ने अस्थायी भर्तियों पर रोक, बैकलॉग पूरा करने, हरियाणा के शिक्षकों के लिए पृथक वेतन आयोग गठित करने और इसके लागू होने तक 5000 रुपये मासिक अंतरिम सहायता देने की आवश्यकता जताई। पुरानी पेंशन नीति बहाल करने, कॉम्यूटेशन की अवधि 10 वर्ष करने तथा 65, 70, 75 और 80 वर्ष की आयु पर पेंशन में चरणवार वृद्धि की भी मांग की गई। इसके अलावा संघ ने प्राथमिक विद्यालयों में लिपिकीय पद सृजित करने, अध्यापकों को विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलाने, ऑनलाइन डायरी प्रणाली समाप्त करने, विद्यालयों में नियमित सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति करने और एसएमसी समितियों को स्वतंत्र बनाए रखने पर जोर दिया।