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तर्कसंगत तबादला नीति के तहत अतिशीघ्र शिक्षकों के तबादले किए जाएं : शर्मा

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मांगों को लेकर बैठक करते अध्यापक। विज्ञ​प्ति
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कैथल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य महासचिव रामपाल शर्मा ने बताया कि संगठन हमेशा ही शिक्षा, शिक्षार्थी, शिक्षक और समाज के व्यापक हितों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। वास्तव में शिक्षकों से संबंधित मांगें और मुद्दे शिक्षा के प्रसार व गुणवत्ता से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से 2016 में ऑनलाइन तबादला नीति लागू करते हुए दावा किया था कि हर साल सत्र की शुरुआत में शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे। इसके अंतर्गत 2016 के बाद केवल 2017, 2019 और 2022 में ही तबादले हो सके। प्राथमिक अध्यापकों के तबादले 2016 के बाद आज तक नहीं किए गए। 12 फरवरी 2025 को शिक्षक संगठनों से लिए गए सुझावों की उपेक्षा करते हुए पहले 28 नवंबर 2025 को तबादला नीति के प्रारूप में प्रतिगामी परिवर्तन कर नया ड्राफ्ट जारी किया और इन आमूलचूल बदलावों की वजह से शिक्षक तबादले कोर्ट केस की भेंट चढ़ गए। 25 जून, 2026 को तबादला नीति का ड्राफ्ट एक बार फिर नए बदलावों के साथ जारी कर दिया गया। संगठन का मानना है कि जोन सिस्टम वाली शुरुआती तबादला नीति के तहत आसानी से तबादले हो सकते थे। परंतु यदि विभाग 25 जून को जारी ड्राफ्ट के आधार पर तबादले करने पर अडिग है तो संगठन नई तबादला नीति पर सुझाव प्रस्तुत करते हुए मांग करता है जिससे इस नीति को तर्कसंगत, न्यायसंगत और व्यावहारिक रूप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आईटी के इस दौर में इन सुझावों के अनुरूप सॉफ्टवेयर तैयार करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं है। इस मौके पर जिला प्रधान रामफल दयोहरा, जिला सचिव अमर नाथ किठानिया, कैशियर शीशपाल, वरिष्ठ उपप्रधान विद्यावती, सहसचिव शमशेर कालिया,संगठन सचिव सुरेश द्रविड़, प्रैस सचिव मदन गोपाल मौजूद रहे।

मांगों को लेकर बैठक करते अध्यापक। विज्ञप्ति

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